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Thursday, 8 August 2019

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में बकरीद से पहले धारा 144 हटाने की योजना बनाई,







जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए अब बहुत कुछ बदल चुका है। बुधवार को राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए। सुरक्षा के लिहाज से वहां धारा 144 लगी है, लेकिन यहां जो सख्ती देखने को मिल रही है, वह कर्फ्यू से भी ज्यादा है। इंटरनेट सेवा बंद है, स्कूल-कॉलेजों पर ताला लटका है। मुख्य मार्गों और गलियों के मुहाने पर कांटेदार तार लगे हैं। इन परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार ने यहां पर बकरीद से पहले धारा 144 हटाने की योजना बनाई है। 
यह जिम्मेदारी भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सौंपी गई है। उन्होंने बुधवार को सड़कों पर आम लोगों से बातचीत कर उनके मन की बात जानी। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को सरकार की पहली परीक्षा है। इस रोज नमाज के वक्त धारा 144 कुछ समय के लिए हटाने पर विचार हो रहा है। अगर इस दिन सब कुछ ठीक रहता है तो 12 अगस्त को बकरीद के मौके पर सुरक्षा बंदिशें हटाई जा सकती हैं।बता दें कि गृह मंत्रालय जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य बनाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कश्मीर घाटी में ही ठहरे हैं। वे सुरक्षा बलों, सिविल प्रशासन और आम लोगों से मिलकर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में जो संकेत मिल रहे हैं, उनके मुताबिक आने वाले दिनों में लोगों को सुरक्षा बंदिशों से राहत मिल जाएगी। चूंकि अभी धारा 144 लागू है, इसलिए कश्मीर के किसी भी हिस्से से विरोध-प्रदर्शन का समाचार नहीं है। फोन, इंटरनेट, मोबाइल और ब्राडबैंड सेवा भी अभी तक चालू नहीं हो सकी हैं। शुक्रवार को नमाज के लिए भारी संख्या में लोग मस्जिदों में पहुंचते हैं।

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