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Friday, 30 August 2019

सड़कों छुट्टा पशुओं की दहाड़ से जनता भयभीत



रिपोर्ट- राजित राम 

सड़कों के राजा की दहाड़ से जाम हो जाता है राष्ट्रीय राजमार्ग 233 बनारस दुद्धी मार्ग।

खर्च हो गए 81  लाख  फिर भी घूम रहे हैं गोवंश( छुट्टा पशु) ,  किसान परेशान ही था अब यात्री और राहगीर भी परेशान होने लगे।

 फिर हाल बस्ती जिले में छुट्टा पशुओं के मामले पर ना तो कोई अधिकारी बोलना चाहता है ना ही बयान देना चाहता  यह का के अधिकारियों द्वारा टाल दिया जाता है की बाद में बाइट देंगे मामले पर।

प्रदेश की योगी सरकार बनते ही आवारा पशुओं को रखने के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया साथ ही हर   न्याय पंचायत स्तर पर अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण कराया। जिससे शहर और गांव में घूम रहे आवारा पशुओ को रखा जाए गौशालाओं में जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रहे साथ ही जनता को छुट्टा पशुओं से छुटकारा मिल जाएगा ।

लेकिन मुख्यमंत्री योगी का आदेश सिर्फ  कागजों में सिमट कर रह गया उन्हीं के अधिकारी छुट्टा पशुओं को पकड़ने  का काम सिर्फ कागजों में करते हैं ऐसे में योगी सरकार जो लाख दावा कर रही है कि किसानों की आय दुगनी की जा रही है जब उन्हीं के कर्मचारी किसानों की फसल छुट्टा पशुओं को ना पकड़ने  से बर्बाद हो रही  है

ऐसे में किसानों की आय कब दुगनी होगी जब उनका छुट्टा पशुओं से फसल नहीं बचेगी।

हम आपको ले चल रहे हैं बस्ती जिले के नजारा बताने ,  बस्ती जिले में लगभग 81 लाख रूपए खर्च कर जिले में 118 अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल बनवाया गया लेकिन गोवंश आश्रय स्थल सिर्फ दिखावटी बना दिया गया ना इस गोवंश आश्रय स्थल में जानवर रह रहे हैं ना ही सफाई कर्मी दिखते हैं आए दिन छुट्टा पशुओं का झुंड सड़कों पर घूमता रहता है जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं इन दुर्घटनाओं में कई घर उजड़ गया वहीं दूसरी तरफ आवारा पशुओं से किसान पूरी तरह परेशान हैं क्योंकि उनकी फसलें बर्बाद हो जा रही है। यह पशु राष्ट्रीय राजमार्ग से हटते हैं तो किसानों का फसल बर्बाद कर देते हैं

वहीं यात्रियों ने बताया कि आए दिन इन आवारा पशुओं से दुर्घटनाएं हो रही हैं हम लोगों की गाड़ियां पलट जाती हैं और कई बार जानवरों के बचाने के चक्कर में अपनी जान भी देना पड़ता ऐसे में योगी सरकार का सिस्टम पूरी तरह छुट्टा पशुओं को लेकर फलाप नजर आ रहा है।


फिलहाल छुट्टा पशुओं के मामले पर जिले के कोई भी अधिकारी मीडिया को बयान नहीं देना चाहते क्योंकि शासन के निर्देश के बावजूद भी छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए बस्ती जिले में कोई कार्य नहीं हो रहे हैं गोवंश आश्रय केंद्रों पर सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाकर  निर्देश दे दिया गया है कि छुट्टा पशुओं को पकड़ कर गोवंश आश्रय केंद्रों में लाएं लेकिन यह आदेश सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया




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