हमला: आधा दर्जन दरोगा सिपाही घायल - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Sunday, 10 May 2020

हमला: आधा दर्जन दरोगा सिपाही घायल


संवाददाता:अरविन्द शर्मा

रसूलाबाद मे लाक डाउन का उल्लंघन करने से रोकने पर पुलिस पर  हमला,आधा दर्जन  दरोगा  सिपाही घायल

 
कानपुर देहात लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पत्‍थरबाजी शुरू कर दी. पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल पाई.लाक डाउन का उल्लंघन करने से रोकने पर हमला, दरोगा  सिपाही समेत आधा दर्जल घायल वैश्विक महामारी कोविड-19  के चलते देशव्यापी लॉकडाउन है. जिसके चलते लोगों को कम से कम बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है, ऐसे में भी लोग पुलिस की टीम पर ही हमला कर रहे हैं. ताजा मामला कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में रविवार को सामने आया. यहां लॉकडाउन का पालन करा रही पुलिस टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि कंजर बस्ती में कुछ लोग दुकान खोलकर अपनी दुकान के बाहर भीड़ लगाए हुए थे.

पुलिस ने जब लॉकडाउन का पालन करने की अपील की तो ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए. पुलिस कुछ समझ पाती तब तक ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने पत्थर उठाकर पुलिस पर फेंकना शुरू कर दिया. इस दौरान किसी तरह पुलिस अपनी जान बचाकर मौके से निकल पाई. वहीं, पत्थर लगने से  दरोगा समेत कुछ सिपाही चोटिल हो गए.

मामले में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि पुलिस लॉकडाउन का पालन करा रही थी. इसी दौरान लॉकडाउन तोड़ रहे कुछ लोगों ने पुलिस पर हमला बोल दिया. जिन पुलिसकर्मियों को चोटें आई है, उनको प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है. साथ ही मामले में आरोपियों को चिन्हित कर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है. वही चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है

No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।