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Saturday, 2 May 2020

मानव संपदा पोर्टल पर गुरुजनों के रिकॉर्ड मे भारी गलतियां

कृपा शंकर चौधरी

मानव संपदा पोर्टल पर गुरुजनों के रिकॉर्ड मे भारी गलतियां

गोरखपुर । सबको शिक्षा देने वाले गुरुजन को अब सरकार शिक्षा देना चाहती हैं । ताकि श्यामपट्ट पर चाक से लिखने वाले हाथ एंड्रॉयड फोन और कम्प्यूटर पर माउस और कीबोर्ड से लिख सके। सरकार के इस अभियान के तहत मानव संपदा पोर्टल पर गुरुजन के रिकॉर्ड भी भरा जाना है।आश्चर्य की बात है कि सब रिकार्ड होने के बाद भी अधिकाशतः रिकॉर्ड नही भरे जा सके है। रिकार्डो का न भरा जाना या गलत भरा जाना संबंधित अधिकारियों के कार्यशैली पर प्रश्न खड़ा कर रहे हैं। शुत्रो का तो यहां तक मानना है कि शिक्षा विभाग के पास रिकॉर्ड का भी अभाव है।
आखिरकार थक कर सरकार द्वारा मानव संपदा पोर्टल को गुरुजन के हवाले करते हुए महानिदेशक 
स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश के द्वारा निवेदन किया गया है कि सभी अध्यापक/शिक्षामित्र/अनुदेशक पोर्टल पर अपना रिकॉर्ड जांच कर स्वतः सही करा ले।
उनके द्वारा बताया गया कि आने वाले समय में, अध्यापक से सम्बंधित कई मुलभूत सुविधाएं (जैसेकि स्थानांतरण, वेतन, ऐ.सी.आर. इत्यादि) ऑनलाइन मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से ही क्रियान्वित की जायेंगी। इसलिए ये अत्यंत आवश्यक है कि गुरुजन से सम्बन्धी पूरी जानकारी मानव सम्पदा पोर्टल पे सही हो। इसी सन्दर्भ में एक स्व-सत्यापन का अभियान शुरू किया जा रहा है। 

उनके द्वारा अनुरोध किया गया कि मानव संपदा पर दिए गए दस्तावेज़ को ध्यान से पढ़ें और इसमें दी गयी प्रक्रिया के अनुसार अपना डाटा मानव सम्पदा पोर्टल पर चेक करें तथा इसके उपरांत ऑनलाइन फॉर्म को भरें। यदि आपसे सम्बन्धी कोई भी जानकारी मानव सम्पदा पोर्टल पर गलत है तो तुरत ही अपने ब्लॉक ऑफिस में संपर्क करें और डाटा को अपडेट करवाएं।
गौरतलब बात यह हैं कि अधिकाशतः अध्यापकों के रिकॉर्ड या तो रिक्त है या उन्हें गलत भरा गया है। संवंधित अधिकारी या बाबू  जिस कार्य के लिए विभाग से भारी भरकम तनख्वाह उठाते रहे है उन पर सरकार क्या कार्यवाही करेगीं। बताया जाता हैं कि रिकॉर्ड में कमी के कारण ही विभाग में काफी घालमेल हुए जिसका नतीजा है कि दूसरे के नामों पर अध्यापन करते कई अध्यापक निलंबित किए गए है। जानकरो का मानना है कि पुर्ण सत्यापन के बाद कई औरो के उपर गाज गिर सकती है।

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