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Tuesday, 30 June 2020

गोण्डा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा यह महामारी सदी की पहली महामारी है

राकेश सिंह गोण्डा

गोण्डा भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा यह महामारी सदी की पहली महामारी है

(हेल्प डेस्क पर कोई भी चाइनीज उपकरण न रखा जाए- मुख्यमंत्री उ०प्र० )

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोंडा के भ्रमण के दौरान पुलिस लाइन मीटिंग हॉल में कोविड-19 वैश्विक महामारी के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा कराए गए कार्यों एवं रोजगार सृजन से संबंधित बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया गया है. यह महामारी सदी की पहली महामारी है। कोई महामारी लगभग 4 से 6 पीढ़ी के बाद आती है।प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बने माहौल में प्रदेश द्वारा स्फूर्त भाव व बेहतर समन्वय से बेहतर से बेहतर करने का प्रयास किया गया। जहां अन्य प्रदेशों के लोग स्वयं का बचाव करते रहे और धोखे में रहे, वहीं प्रदेश में स्वयं के साथ ही साथ पूरे समाज व अन्य लोगों को भी बचाने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि अभी आपदा गई नहीं है। कोविड-19 वैश्विक महामारी से आगे लड़ना है। सामान्य जनजीवन को भी आगे बढ़ाना है। बाढ़ व बरसात में होने वाली बीमारियों से भी लड़ना है। इस प्रकार और चुनौती बढ़ी है। इसलिए पूरी तैयारी के साथ सतर्क होकर जन प्रतिनिधियों के साथ बेहतर समनव्य व मिल कर शासकीय योजनाओं को क्रियान्वित कर उन्हें आगे बढ़ाना है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए जो आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे, उसका प्रत्येक दशा में पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। दो गज की दूरी बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, फेस कवर अथवा मास्क अवश्य  लगाया जाए। जब तक इस महामारी की वैक्सीन न बन जाए तब तक यह आवश्यक है कि पोस्टर, वॉल राइटिंग तथा विज्ञापन के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जाए। कार्यालय, तहसील, अस्पताल, विकासखंड तथा स्कूल- कॉलेज व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाया जाए और लोग स्वयं भी सावधानी बरतें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुजुर्ग, एक से अधिक बीमारियों से ग्रसित या शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं एवं 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, इन 5 श्रेणी के लोग यदि अति आवश्यक न हो तो घर से न निकले। दो गज की दूरी के सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सामान्य जनजीवन को चलाना है। उन्होंने कहा कि उद्योगों, दुकानों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर इनका पालन पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। कोविड-19 वायरस पूर्व के अन्य वायरसों की अपेक्षा कमजोर है किंतु उसकी तीव्रता बहुत अधिक है। इसलिए विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। लगभग 80% मामलों में लक्षण स्पष्ट न होने के कारण पता न चलने से ऐसे लोग जहां जाएंगे वही संक्रमण फैलाएंगे और यदि व्यक्ति पहले से ही बीमार है तो वायरस के तीव्रता के कारण उसकी मौत निश्चित है, इसलिए विशेष सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री ने शासनादेश के अनुसार हेल्प डेस्क की स्थापना किए जाने तथा उस पर आवश्यक स्वास्थ्य उपकरण रखे जाने के निर्देश देते हुए कहा कि चीन निर्मित कोई भी स्वास्थ्य उपकरण न रखा जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क के माध्यम से जांच के बाद समय से ऑक्सीजन उपलब्ध करा कर लोगों की जान बचाई जा सकती है। सर्विलांस टीम घर- घर जाए तथा 108 व 102 एंबुलेंस  तैयार रखी जाए। उन्होंने कहा की एंबुलेंस स्टाफ को प्रशिक्षित कर इस महामारी के मामलों को और कम कर सकते हैं। चिकित्सा विभाग के ऐप  से भी ट्रेनिंग दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही न हो। डॉक्टर पैरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहें। इनके खाने की व्यवस्था हो तथा 24 घंटे में एक बार मरीज के बारे में मरीज के परिजनों को भी जानकारी दी जाए। नान  कोविड अस्पतालों में हेल्प डेस्क जरूर बनाएं तथा अन्य चिकित्सीय सुविधाएं भी लोगों को दी जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में आए सभी प्रवासी कामगारों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसी न किसी रोजगार से अवश्य जोड़ा जाए तथा उन्हें बैंकों के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि गोंडा खाद्यान्न तस्करी व कालाबाजारी में पहले से बदनाम रहा है इसलिए अब ऐसा न होने पाए। सभी पात्रों का राशन कार्ड बन जाए और उन्हें प्रत्येक दशा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। किसी के घर में खाने को कुछ नहीं है तो ग्राम प्रधान निधि व नगर निकाय निधि से ₹1000 की आर्थिक सहायता दिला दी जाए। कोई भी व्यक्ति दवा व खाद्यान्न न मिल पाने के कारण दम न तोड़ने पाये।

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