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Wednesday, 30 September 2020

वाराणसी: निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने तक किसी भी स्तर की वीडियो कांफ्रेंसिंग का करेंगे बहिष्कार

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


 निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने तक किसी भी स्तर की वीडियो कांफ्रेंसिंग का करेंगे बहिष्कार

 जानबूझकर आमजनता को महंगी बिजली का दंश देना चाहती है सरकार।


वाराणसी -30सितम्बर ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज वाराणसी के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों व अभियन्ताओं ने प्रबंध निदेशक कार्यालय, भिखारीपुर पर  अपराह्न 02 बजे से सायं 05 बजे तक 03 घण्टे का कार्य बहिष्कार किया एवं जोरदार विरोध प्रदर्शन किया ।  निजीकरण के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन भी दोपहर दो बजे तक सभी कर्मचारी और अधिकारी कार्यालयों से विरोध स्थल पर चले गए जिससे सभी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा | 
वाराणसी में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर शांतिपूर्ण मशाल जुलूस निकाल रहे बिजली कर्मियों पर नामजद एफ आई आर कराने की केंद्रीय विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने घोर निन्दा की और उत्तर प्रदेश सरकार से बिजली कर्मियों ने मांग की कि वाराणसी में की गयी एफ आई आर तत्काल वापस ली जाये अन्यथा की स्थिति में पूरे प्रदेश के बिजली कर्मी सीधी कार्यवाही हेतु बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी ।

आज प्रबंध निदेशक कार्यालय पर हुई विरोध सभा पर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि कोविड -19 महामारी जैसी मुश्किल परिस्थितियों में बिजली कर्मियों ने अपने काम का लोहा मनवाया है, लेकिन निगम व सरकार निजीकरण पर आमादा हैं । निजीकरण के कारण कर्मचारी और अधिकारी आंदोलन कर रहे हैं। कार्यालयों में सन्‍नाटा पसरा हुआ है। उपभोक्‍ता परेशान हैं। उपभोक्‍ताओं की यह परेशानी सरकार के कारण हो रही है। सरकार नहीं चाहती कि उपभोक्‍ता सकून से रहें। निजीकरण के बाद बिजली की हालत काफी खराब हो जाएगी। न तो समय से बिजली बिल जमा हो पाएगा और न ही सही से बिजली मिल सकेगी। वक्ताओं ने बुनकरों को मिलने वाली फ्लैट रेट बिजली दर की सुविधा को हटाने के पीछे भी सरकार पर आरोप लगाया कि वो इससे निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के मकसद से करना चाहते हैं | *संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आज से सविनय अवज्ञा आंदोलन भी प्रारंभ करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश के बिजली अभियंता एवं कर्मचारी निगम से जुड़े सभी वॉट्सएप ग्रुप पर ना तो कोई  प्रतिक्रिया देंगे ना ही प्रबंधन द्वारा दिए गए किसी भी निर्देशों का पालन करेंगे | उनका कहना था कि निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने तक वह न तो किसी भी स्तर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हिस्सा लेंगे और न ही किसी बैठक में जाएंगे, चाहे वो ऊर्जा मंत्री जी द्वारा ही क्यूं ना आहूत की गई हो।*

इससे पूर्व आज सुबह संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने  400 के वी डुबकिया सारनाथ, 220 के वी भेलूपुर एवं 132 के वी भिखारीपुर में  ट्रांसमिशन विंग के बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं के मध्य जन जागरण अभियान चला कर निजीकरण के  विरोध में आगामी दिनों में प्रस्तावित हड़ताल के लिए तैयार रहने का आह्वाहन किया |

 आज की विरोध  सभा की अध्यक्षता फणींद्र राय ने एवं संचालन जीउत लाल ने किया।

 सभा को सर्वश्री ई0 चंद्रेशखर चौरसिया, आर0के0 वाही, मायाशंकर तिवारी,ए0के0 श्रीवास्तव, इं दीपक अग्रवाल,ई0 संजय भारती, इं डी के दोहरे, शशिकिरण मौर्य,रमाशंकर पाल, आर0के0 राय, आर0बी0यादव, वीरेंद्र सिंह,  रमन श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास्तव, रमाशंकर पाल, जिउतलाल, विजय सिंह,अंकुर पाण्डेय,  ए0पी0 शुक्ला, महेंद्र मौर्य,मदनलाल श्रीवास्तव,  जगदीश पटेल, बी के सिंह, संतोष वर्मा, राजेश कुमार, कृष्णा भारद्वाज, एस के सिंह, महेंद्र मौर्य, नीरज बिंद, फणीन्द्र राय,  आदि पदाधिकारियो ने संबोधित किया।

     

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