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Thursday, 15 October 2020

VARANASI कोविड-19 को देखते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्गापूजा आयोजित करने की जानकारी दी गई

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

कोविड-19  को देखते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्गापूजा आयोजित करने की जानकारी दी गई


जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक संग कैम्प कार्यालय 
पर जिले की सभी दुर्गापूजा समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड-19  को देखते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्गापूजा आयोजित करने की जानकारी दी।
दुर्गापूजा एवं दशहरा के अवसर पर जिले में विभिन्न समितियों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना किये जाने एवं दशमी के दिन रावण का पुतला दहन करने की परम्परा निभाई जाती है। इस धार्मिक परम्परा में अपार भीड़ द्वारा दुर्गा पूजा/दर्शन तथा रावण पुतला दहन देखने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सड़कों और चौराहों पर कोई पंडाल नहीं लगाया जायेगा। सड़क से हट कर शासन द्वारा निर्धारित साइज़ का पंडाल ही लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शासन ने कोरोना महामारी से सुरक्षित रहते हुए सीमित तरीके से त्योहार मनाने की अनुमति दी है जिसमें 15x15 फिट के तीन चांदनी लगाने की अनुमति, खुली जगह पर एक समय में 100 से अधिक लोगों को इकट्ठा न होने, कैम्पस या बंद परिसर में अधिकतम 200 लोगों की अनुमति तथा पांच फिट ऊंची तथा पांच फिट तक चौड़ी मूर्ति स्थापित करने की अनुमति दी गई है।
पंडाल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग किया जायेगा, पंडाल चारों ओर से खुला न हो। प्रवेश द्वार पर स्कैनर से जांच कर अन्दर जाने दें, और किसी बीमार को प्रवेश न दिया जाए।
समितियों को पंडाल में भीड़ नियंत्रित करने के लिए अपने वालंटियर रखना होगा जो नेम प्लेट लगा कर सेवा देंगे। पंडाल में लाउडस्पीकर पर भजन संगीत के अलावा कोरोना से बचाव हेतु प्रसारण भी किया जायेगा।
 सार्वजनिक रूप से भोज आदि का कोई आयोजन प्रतिबंधित है। प्रसाद का वितरण पैकेट में किया जायेगा। कन्या भोजन केवल 9 लोगों से अधिक न करायें।
सभी समितियों के पदाधिकारियों को कहा गया कि कल तक सम्बंधित थाने पर मूर्ति/कलश स्थापना का स्थान, स्थल की क्षमता विसर्जन की तिथि आदि की सूचना अवश्य जमा करा दें ताकि  थाने से विसर्जन का क्रम निर्धारित कर दिया जाये, उसी के अनुसार विसर्जन किया जा सकेगा। 
विसर्जन के लिए केवल एक छोटी गाड़ी टाटा मैजिक की अनुमति दी गई है जिस पर मूर्ति विसर्जन किया जायेगा तथा बड़े डीजे गाड़ी पर न लगाने का निर्देश दिया गया। मूर्ति विसर्जन में अधिकतम 10 लोग जा सकेंगे। अबीर गुलाल उड़ाना और नाच गाना प्रतिबंधित रहेगा।
 विसर्जन का मार्ग तथा विसर्जन के पश्चात् वापसी का मार्ग अलग-अलग निर्धारित किया जायेगा तथा विसर्जन के पश्चात् लोग शांति से वापस आयेंगे।
 सभी समितियों द्वारा शासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन में ऐसे बड़े आयोजनों को निरस्त कर दिया गया है जिसमें भीड़ होने की संभावना हो। 

रामलीला समितियों की बैठक में पदाधिकारियों को बताया गया कि दुर्गापूजा के नियम ही रामलीला के लिए लागू रहेंगे। जिसमें खुले स्थान पर अधिकतम 100 लोग तथा बंद परिसर में 200 लोग ही आयोजन में इकट्ठा हो सकते हैं। 
रामलीला समितियों को अपने वालंटियर लगाकर भीड़ नियंत्रित करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग , मास्क आदि का पालन कराये जाने का कार्य किया जायेगा।
डीएलडब्ल्यू तथा रामनगर रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि रावण का पुतला दहन नहीं किया जायेगा। केवल रामायण पाठ कराया जायेगा।
 भरत मिलाप और नक्कटैया का कार्यक्रम भी समितियों द्वारा निरस्त कर दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी समितियां अपने अपने प्लान लिख कर उपलब्ध करायेंगे जिसमें स्थान का नाम, स्थल की क्षमता, वालंटियर की सूची आदि के विवरण हों, जिससे पुलिस बल तैनात किया जा सके।
 जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाएं  जैसे नगर निगम व पंचायत विभाग द्वारा साफ सफाई, सुचारू विद्युत आपूर्ति आदि करायेगा।

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