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Tuesday, 1 December 2020

विश्व की प्राचीनतम पवित्र शहर काशी व प्रयागराज के बीच शुरू हुई बेहतरीन सड़क यातायात सुविधा

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


विश्व की प्राचीनतम पवित्र शहर काशी व प्रयागराज के बीच शुरू हुई बेहतरीन सड़क यातायात सुविधा


     वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजातालाब स्थित खजूरी में प्रयागराज-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 73 किलोमीटर लंबाई और 2447 करोड रुपए की लागत से बने 6 लेन सड़क के चौड़ीकरण का लोकार्पण किया।
     इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देव दीपावली और गुरु नानक जयंती पर काशी के लोगों को एक और उपहार मिल रहा है। जिसका लाभ प्रयागराज के भी लोगों भी होगा। उन्होंने कहा कि पहले हडिया से राजातालाब तक 70 किलोमीटर की यात्रा अब 6 लेन बन जाने से काफी सरल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के चौड़ीकरण से जहां कांवरियों के आने जाने से जाम से निजात मिलेगी, वही कुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा। यहां पर जो विकास का काम हुआ है वह अब दूर दूर तक दिखाई दे रहा है। पिछले दिनों से कई परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिसका पूरा होने से अन्य जनपदों से आने जाने वालों को भी लाभ होगा।
       मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के समय श्रमिकों के लिए रोजगार माइप्म इंफ्रास्ट्रक्चर बना है। उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। उत्तर प्रदेश में 5 मेगा प्रोजेक्ट पर एक साथ काम चल रहा है। जिसमें बुंदेलखंड, पूर्वांचल सहित अन्य क्षेत्रों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में एक दर्जन एयरपोर्ट पर प्रभावी रूप से काम चल रहा है तथा वाराणसी, प्रयागराज, कुशीनगर व नोएडा एयरपोर्ट को इंटरनेशनल स्तर पर जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं उनकी टीम के द्वारा सरकार बनने के बाद अभूतपूर्व काम किया गया है। वाराणसी इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में तैयार हुआ है। जिसका लाभ यहां के आसपास के लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब किसी प्रदेश में आधुनिकता का काम होता है, तो उस क्षेत्र में किसानों को भी लाभ मिलता है। किसाने रेल की शुरुआत की गई है जिससे किसानों को नए बाजार मिल रहे हैं। बड़े शहरों तक पहुंच बढ़ रही है और उसका आय में भी वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी में किसानों का माल का निर्यात विदेशों में की जा रही है। यहां का लंगड़ा आम विदेशों में निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार यहां की ताजा सब्जियां हवाई मार्ग से विदेशों में पहुंच रही हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि चंदौली जनपद में 2 वर्ष पूर्व 500 किलोग्राम काला धान का बीज दिया गया था। के लिए मार्केट तैयार किया गया। वही काला चावल ₹300 प्रति किलो की दर से बिक रहा है, काला धान/चावल के लिए अब ब्रिटेन का बाजार भी मिल गया है। यह चावल ब्रिटेन में ₹850 प्रति किलो बिक रहा है। आज चंदौली में 1000 किसान परिवार काला धान की खेती कर रहे हैं। छोटे किसानों को संगठित कर उनकी ताकत व उनकी आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी है।
       फसल बीमा की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे किसानों को काफी लाभ मिला है। एक लाख करोड़ किसानों के खाते में सीधे पैसा पहुंचाया गया है। किसानों के लिए किसान पेंशन योजना बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसान परिवार को अभी भी कुछ आशंकाएं हैं, उनका सरकार जवाब दे रही है। उन्होंने कहा कि 6 साल में यूरिया की कमी नहीं होने दी गई है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि आज जिन किसानों को कृषि सुधारों पर कुछ आशंकाएं हैं, वह भविष्य में इन कृषि सुधारों का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएंगे। आशंकाओं के आधार पर भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई लगातार देश में सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि अब छल से नहीं गंगाजल जैसी पवित्र नियत के साथ काम किया जा रहा है। देश के 10 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दी जा रही है। अब तक एक लाख करोड़ रुपए किसानों तक पहुंच भी चुका है। 2014 के पहले के गेहूं खरीद पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए के आसपास ही किसानों को मिला, वही हमारी 5 सालों में 3 लाख करोड़ रुपए गेहूं किसानों को मिल चुका है। 5 सालों में 5 लाख करोड़ रुपए धान की एमएसपी के रूप में किसानों तक पहुंचाया गया। सिर्फ दाल की चर्चा करते हुए कहा कि 5 सालों में लगभग 49 हजार करोड़ रुपए की दालें खरीदी गई। उन्होंने कहा कि हमने वादा किया था कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश में अनुकूल लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देंगे। यह वादा सिर्फ कागजों पर ही नहीं किया, बल्कि किसानों के खाते तक पहुंचाया गया। कहां की यूरिया की कालाबाजारी नहीं होने से किसानों को पर्याप्त यूरिया दी गई। यहां तक लाकडाउन तक में जब हर गतिविधि बंद थी तब भी दिक्कत नहीं आने दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्ज माफी के पैकेज घोषित किए जाते थे, परंतु छोटे एवं सामान्य किसानों तक नहीं पहुंचता था। नए कृषि सुधारों से किसानों को नए विकल्प भी मिले हैं और इससे कानूनी संरक्षण भी मिला है। भारत के कृषि उत्पाद दुनिया में मशहूर हैं। वाराणसी में पोरेशेबल कार्गो सेंटर बनने से अब फल सब्जियों को स्टोर करने एवं रखने और उन्हें आसानी से बेचने की बहुत बड़ी सुविधा मिली है। स्टोरेज कैपेसिटी के कारण यहां के किसानों की उपज बड़ी मात्रा में निर्यात हो रही है।     
        इसके पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में 135 करोड़ जनसंख्या को सुरक्षित रखना, उनकी जरूरत के अनुरूप सुरक्षा व सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि काशी के बारे में हर पल प्रधानमंत्री द्वारा जानकारी ली जा रही थी। यहां की परंपरा बढ़ाने सहित यहां की प्रधानमंत्री को रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में काशी में 18000 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रदेश में प्रतिदिन 2 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बना है। गरीब कल्याण निधि में 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपए से तथा आत्म निर्भर भारत हेतु 20 लाख करोड रुपए के पैकेज से कोरोना प्रभावित हर वर्ग को सहायता मिली है। काशी में विकास के कीर्तिमान बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश केंद्र सरकार की समस्त योजनाओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्रियान्वित कर रही है।
         इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सांसद भदोही रमेश चंद्र बिंद भी उपस्थित रहे।

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