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Sunday, 28 February 2021

ऑनलाइन व्याख्यानमाला के माध्यम से हुई चंद्रशेखर आजाद की जीवनी पर चर्चा

मोहित गुप्ता बस्ती रूधौली

ऑनलाइन व्याख्यानमाला के माध्यम से हुई चंद्रशेखर आजाद की जीवनी पर चर्चा

राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजेश शर्मा के तत्वाधान में ऑनलाइन बैठक का हुआ आयोजन

बस्ती रुधौली। शनिवार को राजकीय महाविद्यालय रुधौली, बस्ती में चौरी  चौरा शताब्दी समारोह के अंतर्गत चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्य तिथि पर ऑनलाइन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की छात्राओ द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता की भूमिका में डॉ. तारिक अहमद भारतीय स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों के अग्रणी नेतृत्वकर्ता चंद्रशेखर आज़ाद के योगदान को बताते हुए देश की आजादी के लिए क्रांतिकारी धर्म को अपनाते हुए जन शेखर आजाद ने अन्य क्रांतिकारियों के साथ मिलकर अंग्रेजी सरकार की जड़े हिला दी थी। आज़ादी की हद तक जाना और बेख़ौफ़ अंदाज़ दिखाना यही चंद्रशेखर आज़ाद की पहचान रही है और यही कारण है की वह आज भी हर भारतियों के दिल में ज़िंदा है। महाविद्यालय के छात्र अजय कुमार निषाद और सुषमा सिंह ने भी अपने विचार साझा किये। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ० राजेश कुमार शर्मा ने कहा की आज हम जिस आज़ाद भारत में जी रहे है वह कई देशभक्तो के बलिदान से सजी हुई है। इनमे से बहुत से ऐसे देशभक्त थे जिन्होंने बहुत ही कम उम्र में अपने अतुलनीय त्याग से अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित करवा लिया है। चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने नारे '' मैं आज़ाद हूँ, आज़ाद ही रहूँगा, आज़ाद ही मरूंगा '' के नारे को सच साबित कर दिखाया जब उन्होंने अंग्रेजो से लड़ते हुए अल्फ्रेड पार्क में अंतिम गोली स्वयं को मार ली और शहीद हो गए। मिशन शक्ति के कार्यक्रम को समेकित करते हुए उन्होंने बालिकाओ से चंद्रशेखर आज़ाद के जीवन से बेख़ौफ़ रहने की प्रेरणा लेने की अपील भी की।  कार्यक्रम के अंत में जगदीश प्रसाद ने सभी को आभार प्रकट किया जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ० शैलजा ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण तथा अनेक छात्र छात्राएं यथा गोरखनाथ, रुद्रेश, उषा, पूजा, ज्योति आदि उपस्थित रहे।

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