वॉयरलेस पर लोकेशन बताकर गश्त स्थल से नदारद नहीं रह पाएंगे पुलिसकर्मी - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Sunday, 21 February 2021

वॉयरलेस पर लोकेशन बताकर गश्त स्थल से नदारद नहीं रह पाएंगे पुलिसकर्मी

कृपा शंकर चौधरी ब्यूरो गोरखपुर

वॉयरलेस पर लोकेशन बताकर गश्त स्थल से नदारद नहीं रह पाएंगे पुलिसकर्मी



गोरखपुर। एडीजी जोन अखिल कुमार ने कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और पुलिसकर्मियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जिले में एक और पहल शुरू कर दिया जिसमें पुलिसकर्मी वायरलेस पर कंट्रोल रूम को लोकेशन बताकर गश्त स्थल से नदारद नहीं हो सकेंगे। इसके लिए उन्होंने एक खाका तैयार कर लिया है जिसके क्रम में पिछले दिनों गोरखपुर में व्हाटसएप पर लाइव लोकेशन भेजने का फरमान जारी कर दिया था। उन्होंने इसमें एक और नई तरकीब जोडऩे की तैयारी कर रहे हैं। अब बहुत जल्द ही पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन पर एक एप डाउनलोड कराया जाएगा जिसमें गश्त पर निकलने पर एक बार एप को ऑन करने पर पुलिसकर्मी किस रु ॅट पर गया कितनी दूरी तय किया और कहां-कहां गया यह सब आता रहेगा। पुलिसकर्मी को एप से यह जानकारी निकालकर आला अधिकारियों को भेजना होगा।
एडीजी अखिल कुमार ने बताया कि पहले की अपेक्षा तकनीकी काफी बढ़ी है। हमें भी अपने काम को तकनीकी का सहारा लेकर आसान के साथ-साथ चुस्त-दुरुस्त बनाना होगा। रात्रि गश्त का प्लॉन बहुत पहले से चल रहा है। कई नियम कानून भी अलग-अलग समय पर अधिकारियों की ओर से बनाए गए हैं लेकिन फिर भी देखने को मिलता है कि रात्रि गश्त में कुछ पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। यही नहीं वॉयरलेस सेट पर जगह कुछ और बताते हैं और रहते कहीं और जिससे पुलिसिंग व अपराध रोकने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लिहाजा एडीजी जोन इन सब बिन्दुओं को देखते हुए कई तरह के योजनाओं पर काम करा रहे हैं। गोरखपुृर में वॉयरलेस लोकेशन के साथ रात 12 बजे से पांच बजे तक रात्रि गश्त चलती है। अलग-अलग अधिकारियों व थानेदारों का अलग अलग दिन शेडयूल भी बना है ताकि वह पुलिसकर्मियों की लोकेशन चेक करें साथ ही व्हाटसएप लाइव लोकेशन भेेजने की भी व्यवस्था कराई गई है। अब इसे एप के जरिए जोडऩे का भी प्लान तैयार कराया जा रहा है। पुलिसकर्मी गश्त के बाद एप के जरिए ही अपनी पूरी डिटेल संबंधित अधिकारी हो दे देगा साथ ही थानेदारों को चौबीस घंटे में एक निश्चित समय का विश्रााम देने का भी प्रयास किया जा रहा है। जिससे उसे आराम मिल सके वह पूरे मन से ड्यूटी करे और चिड़चिड़ा न हो। ऐसी व्यवस्था की जाएगी की जब थानेदार के आराम का समय हो तो कोई दूसरा पुलिसअधिकारी गश्त पर रहे और निगरानी करे।

No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।