फरियादी को अपने गाड़ी से छोड़ते हैं घर
सुनने में थोड़ा दिलचस्प होगा कि एक जिम्मेदार अधिकारी के पास इतना समय कहां हैं कि वह फरियादियों को उनके घर तक छोड़ने जायेगा ,लेकिन यह कोई अचंभव की बात नहीं है ,अमनदीप डुली ऐसे बुजुर्ग व्यक्तियों को जो काफी दूर से पैदल चल कर अपनी समस्या के समाधान के लिए तहसील आते हैं ,अगर उन्हें लगता है कि व्यक्ति हालात का मारा है एवं जिम्मेदार लोगों से उपेक्षित तो ऐसे बुजुर्ग व्यक्ति को गाड़ी में आगे बैठा देते हैं और उनके साथ मौके पर जाकर समस्या को देखते हैं।
रविवार को नहीं लेते छुट्टी
वैसे तो आज कल अधिकारियों -कर्मचारियों में काम के प्रति इतनी कामचोरी आ गई है कि वे कार्यालयों में लंबित काम को भी समय से नहीं करते हैं। लेकिन यंहा पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तो पूरा सिस्टम ही बदल दिया है ,अमूमन सरकार के तरफ से रविवार को छुट्टी अधिकांश जगहों पर होती है जिसमे तहसील भी शामिल है। लेकिन यंहा पर ये युवा अधिकारी छुट्टी नहीं लेते बल्कि रविवार के दिन किसी गांव में जाकर चौपाल लगाने का कार्यक्रम तय कर देते हैं।
इलाके में बढ़ती लोकप्रियता
आम जनमानष में नम्रता से पेश आने की वजह से अमनदीप इस समय क्षेत्र के लोगों में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं ,कई लोगों से बात -चीत के दौरान यह पता चला कि लोग इस अधिकारी से काफी संतुष्ट रहते हैं ,लोग बताते हैं की किसी भी समस्या को ये बहुत ही गंभीरता से सुनते हैं। बतातें चलें कि अमनदीप आंध्रप्रदेश के गोदावरी जिले के रहने वाले हैं उनके पिता डीएल रत्नम भी 1987 बैच के आईपीएस हैं वें वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मानवाधिकार आयोग में डीजी के पद पर कार्यरत हैं।




Wow what a commitment sir Ji. Interested to know who is your role model.
ReplyDeleteNice to see such person. Continue same motives bro
ReplyDeleteReal proud of such honest, hardworking and dedicated officers. I'm a upsc aspirant myself, it's really inspirational to read about such young officers doing exemplary work. May God bless you and your family abundantly.
ReplyDeleteइस प्रकार के अधिकारियों का जनता दिल से स्वागत करती है। साथ ही ईमानदारी से काम करने के कारण लोग दिल से दुआ देतें हैं।
ReplyDeleteऐसे सुपरस्टार अधिकारी को दिल से धन्यवाद
ReplyDeleteVery nice to hear about such officer's working pattern
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