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Tuesday, 3 April 2018

बस्ती -जाति -धर्म के द्वेष में जकडा भारत कैसे बनेगा विश्वगुरु

रिपोर्ट -धर्म प्रकाश ;

देश में निरन्तर बढते जातीय व साम्प्रदायिक हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजसेवी व रालोद के प्रदेश सचिव चन्द्रमणि पाण्डेय ने कहा कि भारत धर्म निर्पेक्ष देश है यह राग द्वेष से परे सदा मानवता व अहिंसा का उपासक रहा है यहां जातीय संगठन की बात करना या हिंसा करना भारत की मूल भावना के विपरीत है। 

                                      प्रतीकात्मक चित्र 

श्री पाण्डेय ने कहा कि सत्ता के लालच में राजनीतिक दलों द्वारा जाति -धर्म का विष बोया जा रहा जिसके कारण शोषित ,वंचित एवं गरीब वर्ग समता ,स्वतंत्रता ,बंधुता एवं न्यायाधारित समाज के श्रेणी में पंहुचने में असमर्थ है। इसका परिणाम है कि आजादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद जब वैज्ञानिक अंतरिक्ष पर पंहुच  कर परचम लहरा रहे हैं। तब देश में हिन्दू ,मुस्लिम ,गाय ,गोबर ,और आरक्षण पर दंगे हो रहे हैं। 
                       
उन्होंने कहा कि जब आरक्षण की मांग सभी वर्ग द्वारा किया जा रहा है तब ऐसी स्थिति में पूरे देश में एक सामान शिक्षा व्यवस्था लागू कर आरक्षण व्यवस्था को खत्म कर देना चाहिए। या आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था लागू  हो।  किन्तु उसके पहले आवश्यक है कि लाभ पात्र को ही मिले। भारत देश में जिस तरह अपात्र लोगों को वीपीएल कार्ड व मनरेगा का लाभ मिल रहा है कैसे स्पष्ट हो कि आर्थिक आरक्षण का लाभ गरीब पायेगा।श्री पाण्डेय  ने कहा  कि अभी सरकार  को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि देश के लोगों को एक समान शिक्षा ,चिकित्सा की व्यवस्था मिले व्यक्ति शिक्षित होगा स्वस्थ होगा तो अपना विकास स्वयं कर लेगा। शिक्षा चिकित्सा पर आज हमारी गाढी कमाई का आधा भाग खर्च हो रहा है लेकिन आज देश की बहुसंख्यक आबादी अशिक्षित है एवं इलाज के अभाव में मरण सैय्या पर लेटा हुआ है।

70वर्षों में सरकारें शिक्षा -चिकित्सा जैसी मूल जरूरतों पर ध्यान देने के बजाय सत्ता हेतु जाति धर्म के बंटवारे में व्यस्त हैं सभी के लिए एक समान निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा चिकित्सा की व्यवस्था हो ,मानवता के सूत्र में बंधा शिक्षित व स्वस्थ भारत हो ,तब भारत विश्वगुरु बनने के रास्ते पर जा सकता है अन्यथा जाति -धर्म के द्वेष में जकडा भारत ,शिक्षा -चिकित्सा के अभावों में जी रहे भारत के लोग ,रोजगार की कमी को पूरा करे वगैर भारत  विश्वगुरु  कैसे बन सकता है ?

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