उत्तर प्रदेश में 409 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ी रेल - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Sunday, 29 July 2018

उत्तर प्रदेश में 409 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ी रेल

मल्टीमीडिया डेस्क से बब्लू यादव की रिपोर्ट _

अभी रेलवे का एक मामला शांत नही हुआ था जिसमे एक ट्रेन को विशाखापट्टनम से बस्ती की दूरी तय करने में साढ़े 3 साल लग गए थे यह रेलगाड़ी  नवंबर 2014 में बस्ती स्टेशन के लिए चली थी जो   25 जुलाई 2018 को बस्ती पहुची है । हालांकि ये मालगाड़ी थी।

जब ट्रेने इतनी लेट चल रही थी उसी बीच अभी हाल ही में एक ट्रेन 409 किलोमीटर की रफ्तार से फर्राटा फरती हुई 117 किलोमीटर की दूरी को मात्र 17 मिनट में तय कर लिया।

 आइये जानते हैं पूरा मामला क्या हैं।

 कैग ने तीन रेलों का ऑडिट किया जिसमें इलाहाबाद दुरंतो एक्सप्रेस, जयपुर इलाहाबाद एक्सप्रेस और प्रयागराज एक्सप्रेस शामिल हैं.09 जुलाई 2016 को इलाहाबाद दुरंतो एक्सप्रेस फतेहपुर स्टेशन पर सुबह 5 बजकर 53 मिनट पर पहुंची और इलाहाबाद सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर. आपको बता दें कि ट्रेन से यात्रा करने पर फतेहपुर से इलाहाबाद के बीच की दूरी 117 किलोमीटर है. मतलब ये कि ट्रेन ने 117 किलोमीटर की दूरी मात्र 17 मिनट में तय कर ली और इस हिसाब से ट्रेन की स्पीड रही 409 किलोमीटर प्रति घंटा. रिपोर्ट के मुताबिक फतेहपुर से इलाहाबाद के बीच अधिक्तम स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है. अगर इतनी स्पीड पर भी गाड़ी दौड़ाई जाए तो भी कम से कम 53 मिनट का समय लगता है.एक ऐसा ही मामला जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस के ऑडिट में भी मिला जिसमें 10 अप्रैल 2017 को यह ट्रेन फतेहपुर स्टेशन पर सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर पहुंची और इलाहाबाद 5 बजकर 31 मिनट पर. अब ये चमत्कार कैसे हुआ ये रेलवे के अधिकारी ही बता सकते हैं.
कैग का मानना है कि ऐसी ही गड़बड़ियां दूसरे मंडलों में भी हो सकती हैं. रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि ये सामान्य गलतियां हैं जो किसी भी आम इंसान से हो सकती हैं.अब ये गलती से हुआ है या जानबूझकर, इस बात को तो रेलवे के अधिकारी  ही बता सकते हैं

No comments:

Post a Comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।