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Monday, 24 September 2018

कानपुर-आईपीएस के ससुर का आरोप सुरेंद्र अपने घरवालों और भाई के नाजायज दबाव से थे परेशान



 
जिला संवाददाता रवि तहकीकात न्यूज़ 

आईपीएस के ससुर का आरोप सुरेंद्र अपने घरवालों और भाई के नाजायज दबाव से थे परेशान ,मेरी बेटी को चाहते थे सबसे ज्यादा , आईपीएस का पत्नी को लिखा आखिरी मेल भी किया जारी 


 आईपीएस सुरेंद्र दास सुसाइड मामले में अब नया मोड़ आ गया है
 
 अभीतक यही माना जा रहा था की सुरेंद्र ने पत्नी रवीना से परेशान होकर सुसाइड किया था। लेकिन स्व सुरेंद्र दास के ससुर डॉक्टर रावेन्द्र ने आईपीएस स्व सुरेंद्र दास के भाई नरेंद्र के आरोप को गलत ठहराया आईपीएस सुरेन्द दास के ससुर डॉक्टर रावेंद्र सिंह और उनकी पत्नी दामाद सुरेंद्र दास के निधन के 14 दिन बाद सोमवार को मीडिया के सामने कानपुर प्रेस क्लब पहुंचे जहां उन्होंने वार्ता कर आईपीएस के परिजनों पर गम्भीर आरोप लगाए हैं इस दौरान वह इस केस से जुड़े कुछ ऑडियो रिकार्डिंग लेकर मीडिया के समक्ष रक्खे । 
 
 
डॉक्टर रावेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि सुरेंद्र दास की मौत के बाद से सुरेंद्र के भाई नरेंद्र कुमार, लगातार हमारे परिवार के ऊपर अनर्गल आरोप लगा रहे है और हमें और हमारी बेटी रवीना को बदनाम कर रहे है. मै उनके परिवार के ऊपर कोई भी आरोप नहीं लगाना चाहता था लेकिन उन्होंने हमें विवश कर दिया। मजबूरन हमें मीडिया के सामने आना पड़ा।
 
 आपको बताते चलें कि आईपीएस सुरेंद्र दास ने 5 सितंबर को अपने केंट थाना क्षेत्र के सरकारी आवास पर सुबह 4 बजकर 12 मिनट पर सल्फास खाया था इस दौरान रिजेंसी में 4 दिन के इलाज के बाद 9 सितंबर को उनका निधन हो गया था।

रावेंद्र सिंह मीडिया से बात करते हुए बताया कि सुरेंद्र दास का विवाह हमारी बेटी रवीना से होने के पूर्व कुमारी मोनिका नाम की युवती के साथ वैवाहिक रस्में हुई थीं जिसके बाद सुरेंद्र दास के परिवार के दबाव में वो शादी नही हो सकी थी। वहीं मोनिका के पिता के द्वारा सगाई के दौरान दिया गया रुपया सुरेंद्र के भाई नरेंद दास ने रख लिया था जो कि सुरेंद्र दास ने वह रुपया मांगा लेकिन उसे दिया नहीं गया। 
 
इससे पूर्व भी आईपीएस का विवाह के सम्बन्ध की चर्चा किसी से हुई थी. लेकिन पारिवारिक दबाव के चलते सम्बन्ध नही हो सका। उन्होंने बताया कि हमारी बेटी की शादी के बाद से सुरेंद्र के परिजन खुश नहीं थे. हमारी बेटी के साथ अच्छा बर्ताव नही करते थे. उसे घर पर खाना तक नही दिया जाता था आईपीएस के बड़े भाई नरेंद्र और उसकी पत्नी नेहा ने जानबूझकर बेटी के नहाते समय बाथरूम का दरवाजा भी खोल दिया था जिसके बाद बेटी ने घटना की जानकारी सुरेंद्र को बताई इस दौरान दोनों भाइयों में विवाद भी हुआ था। शादी के बाद  सुरेंद्रऔर बेटी हनीमून के लिए सिक्किम गए थे .इस दौरान वहां पर एक फोन कॉल सुरेंद्र के पास आया था जिस फोन के बाद से सुरेंद्र अक्सर तनाव में रहने लगा था सुरेंद्र ने अपनी पत्नी को भी बताया था कि यह फोन उसकी भाभी का है और उन्होंने रुपये की मांग की है. उन्होंने यह भी बताया  कि नरेंद्र एक प्लाट खरीदने के लिए रुपयों की मांग हमसे कर रहा था. जिसकी जानकारी हमने सुरेंद्र को दी थी. वहीं रवीना और सुरेंद्र के रिश्तों पर बात करते हुए कहा कि दोनों में ही मधुर सम्बन्ध थे जबकि बेटी ने यह हमे बताया था की सुरेंद्र के भाई नरेंद्र,मां इंदु देवी, भाभी नेहा हमारी बेटी से ज्यादा मतलब न रखने के लिए सुरेंद्र पर दबाव भी बनाते थे।
 
 
सुरेंद्र सहारनपुर से जब अपनी ससुराल आते थे तो यह कहता था कि इसकी जानकारी हमारे परिजनों को न देना। वहीँ सुरेंद्र की अंबेडकर नगर से ट्रांसफर होकर कानपुर आये दोनों खुशी खुशी सरकारी आवास में रहते थे. दोनों बैडमिंटन खेलते थे, घूमने भी जाते थे उन्होंने यह भी बताया कि जन्माष्टमी के दो  दिन पहले पति पत्नी शिवाला बाजार से जन्मनाष्टमी की खरीदारी की थी इस पर्व में दोनों ने निर्जला व्रत भी रखा था।  सुरेंद्र दास ने अपने पास एक कुत्ता भी पाल रखा था जो इस वक्त हमारे पास है कुत्ता नानवेज भी खाता था। जन्माष्टमी के दिन सुरेंद्र ने अपने  फॉलोअर से नानवेज के साथ मे अंडे भी कुत्ते के लिए मगवाया था । जबकि पति पत्नी दोनों ही नानवेज खाते थे हालांकि कुछ समय से सुरेंद्र ने नानवेज छोड़ रखा था। 

सुरेंद्र ने जब सल्फास खाया उसके बाद 4 बजकर 12 मिनट पर बेटी का मेरे पास फोन आया कि सुरेंद्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया है. जिसके बाद हमने बेटी को बताया कि पहले 100 नम्बर पर सूचना करो। इन्हें उर्सला ले कर पहुंचो और मै भी पीछे से उर्सला अस्पताल पंहुचा। जहा डॉक्टर ने जवाब दे दिया जिसके बाद हम  फार्च्यून अस्पताल गए और व्हा से उन्हें  रिजेंसी रिफर कर दिया गया. इस दौरान उनके पास से दो सुसाइड नोट भी मिले थे जिसमें एक बड़ा सुसाईड नोट था एक छोटा बड़े सुसाइड नोट पर लिखा हुआ था आई लव यू रवीना एंड रवीना इज़ नॉट रिस्पांसिबल फ़ॉर माई सुसाइड 

सुरेंद्र ने 22 जुलाइ को एक ईमेल के ज़रिए अपनी परेशानी वाली बातों का जिक्र रवीना को भेजा था और उस मेल में अपने जीवन को समाप्त करने के प्रयासो का भी जिक्र किया था।
 
डॉक्टर रावेंद्र ने बताया कि सुरेंद्र 2009 से 2014 तक कोल इंडिया में जॉब करते थे और 2014 से 2017 तक आईपीएस के रूप में रहे। बताया कि अक्सर अपनी फैमिली से परेशान सुरेंद्र ने अपनी बहन सावित्री से फोन पर कहा था कि अगर हमारे और रवीना के बीच कोई आएगा उसे ख़त्म कर दुगा।  जिसकी रिकार्डिंग भी मौजूद है। उनका साफ कहना है कि सुरेंद्र और रवीना का कोई भी तनाव नही रहा कभी। मीडिया के सवाल पर क्या कारण लगता है सुसाइड का उन्होंने सुसाइड के दो कारण बताते हुए कहा कि इनके परिवारिक डिमांड ज्यादा थी। जिससे वह परेशान था। 
 
मीडिया के सामने न आने की बात पर उन्होंने बताया कि हम लोग सुरेंद्र की बीमारी में इन्वॉल्व थे 10 सितंबर को मैने लखनऊ में स्टेटमेंट दिया था बेटी की तबियत भी ठीक नही है। हम नही चाहते थे कि सुरेंद्र के परिजनों को बदनाम किया जाए। लेकिन नरेंद्र और उनके परिजन लगातार हमे परेशान कर रहे है। उनके परिजनों ने हमे मजबूर कर दिया जिसके बाद हमे भी यह स्टेप लेना पड़ा हमने एक एप्पलीकेशन डीजीपी को दी है और एडीजी क्राइम को दी है।

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