सपने देखना और सुनहरे पलों का इंतजार करना इंसान का स्वभाव है .यह आशावादी नजरिया एक विश्वास ,एक भरोसा पैदा करता है जो उसे जीवन में आगे बड़ने के लिए प्रेरित करता है.परन्तु जब भरोसा टूटता है तो इंसान व्यथित हो जाता है अंतर्मुखी हो जाता है.फिर वही आशावादी दृष्टिकोण वाला इंसान परिवर्तित होकर निराशावादी,स्वार्थी एवं अविवेकी बन जाता है.धेर्य और विवेक की भी एक सीमा होती है जो मनुष्य -मनुष्य पर निर्भर करती है .मैने इस संकलन में वही संकलित किया है जो मैने आसपास के परिवेश में देखा है और महसूस किया है ,ये केवल मेरे अपने विचार है जो मुझे सोचने पर मजबूर करते है की कभी भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था ,वहा इंसान की ऐसी दुर्गति होगी की उसे गरीबी के चलते परिवार सहित आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा .इसका जिम्मेवार कौन है.क्या स्वयं वह गरीब व्यक्ति या उसकी गरीबी.आज प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि हुई है ,लेकिन ये केवल उन्ही पूंजीवादियों के लिए है जो अपना व्यापार सुचारू रूप से चला रहे है ,जिन्हें सरकार से हर सम्भव सहायता प्राप्त है. जब तक गरीबों के लिए बनाई गई योजनाये सीधे गरीबों तक नही पहुंचेगी ये अमीरी और गरीबी का अंतर बड़ता जायेगा .
सपने देखना और सुनहरे पलों का इंतजार करना इंसान का स्वभाव है .यह आशावादी नजरिया एक विश्वास ,एक भरोसा पैदा करता है जो उसे जीवन में आगे बड़ने के लिए प्रेरित करता है.परन्तु जब भरोसा टूटता है तो इंसान व्यथित हो जाता है अंतर्मुखी हो जाता है.फिर वही आशावादी दृष्टिकोण वाला इंसान परिवर्तित होकर निराशावादी,स्वार्थी एवं अविवेकी बन जाता है.धेर्य और विवेक की भी एक सीमा होती है जो मनुष्य -मनुष्य पर निर्भर करती है .मैने इस संकलन में वही संकलित किया है जो मैने आसपास के परिवेश में देखा है और महसूस किया है ,ये केवल मेरे अपने विचार है जो मुझे सोचने पर मजबूर करते है की कभी भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था ,वहा इंसान की ऐसी दुर्गति होगी की उसे गरीबी के चलते परिवार सहित आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ेगा .इसका जिम्मेवार कौन है.क्या स्वयं वह गरीब व्यक्ति या उसकी गरीबी.आज प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धि हुई है ,लेकिन ये केवल उन्ही पूंजीवादियों के लिए है जो अपना व्यापार सुचारू रूप से चला रहे है ,जिन्हें सरकार से हर सम्भव सहायता प्राप्त है. जब तक गरीबों के लिए बनाई गई योजनाये सीधे गरीबों तक नही पहुंचेगी ये अमीरी और गरीबी का अंतर बड़ता जायेगा .

पूरी तहकीकात टीम को धन्यवाद।
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