कानपुर-शहर की सबसे पुरानी रामलीला में इस बार 90 फीट के रावण की आखों से निकलेगी आग ,तो मुख से बरसेगे फूल - तहकीकात न्यूज़

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Thursday, 18 October 2018

कानपुर-शहर की सबसे पुरानी रामलीला में इस बार 90 फीट के रावण की आखों से निकलेगी आग ,तो मुख से बरसेगे फूल

ब्यूरो कानपुर -रवि गुप्ता

कानपुर- शहर के सबसे प्राचीनतम रामलीला सोसाइटी द्वारा कराए जा रहे परेड ग्राउंड में हर बार की तरह इस बार भी सबसे बड़े रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है 90 फुट के पुतले को बनाने के लिए कारीगर दिन रात एक किये हुए है इस अनोखी रामलीला में वास्तविकता की झलक दिखाई पड़ती है और दूर दूर से लोग आते है और राम रावण के युद्ध के साथ ही रावण के वध के मंचन का लुत्फ उठाते है और बुराई पर अच्छाई की जीत के गवाह बनते है। और यहां शहर के सबसे बड़े रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में कारीगर जुट गए हैं।


अंतिम रूप देते कारीगर

रामलीला सोसाइटी द्वारा परेड मैदान में हर वर्ष भव्य रामलीला का आयोजन किया जाता है इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम के साथ रामलीला का मंचन किया जा रहा है यहां जो रावण का पुतला दहन के लिए तैयार किया जाता है और जगह पर रावण के पुतलो की अपेक्षा कही ज्यादा बड़ा रावण का पुतला बनाकर यहां परेड पर तैयार करते हैं। जब यह 90 फ़ीट का रावण ग्राउंड में तैयार होकर खड़ा किया जाता है तो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन जाता है। परेड दशहरा के लिए परेड ग्राउंड में 90 फ़ीट के रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में अलग राज्य से आये 15 से 16 कारीगर जुट गए हैं।







पुश्तेनी काम है हमारा

राजस्थान से आये कारीगर सलीम खान पिछले 15 वर्षों से अपने परिवार के 15 से 16 सदस्यों के साथ परेड के रावण का पुतला बनाते चले आ रहे है और इसे तैयार करने में डेढ़ महीने का समय लगता है सलीम ने बताया कि यह हमारा पुश्तेनी काम है परेड दशहरा का रावण शहर में सबसे बड़ा होता है और 90 फ़ीट इसकी ऊंचाई होती है



इसको बनाने के लिए जिसमें बांस, दफ़्ती रद्दी ,पन्नी आदि मैटेरियल्स का प्रयोग किया जाता है। इस बार रावण दहन के समय छतरी घूमकर हवा में उड़ेगी और मुह से फूल झड़ेंगे, आँखों से आग छोड़ेगा, और ढाल घूमेगी। ये हमारा पुश्तेनी काम है शुरुआत से हमारे परिवार के लोग रावण के पुतले बनाते चले आ रहे हैं।

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