लखनऊ- बस्ती के गांवों के लिए आईना बना सिसवारी अब ग्रीन ग्राम बनाने की तैयारी - तहकीकात न्यूज़

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Saturday, 13 October 2018

लखनऊ- बस्ती के गांवों के लिए आईना बना सिसवारी अब ग्रीन ग्राम बनाने की तैयारी

विश्वपति वर्मा (सौरभ ) 
 
 घर -घर शौचालय, पानी निकासी की व्यवस्था ,स्वच्छ पेय जल की उपलब्धता ,स्वास्थ्य सेवाएं, आवागमन की सुविधा ,हर घर में बिजली की पँहुच हो तो किसी भी गांव को आदर्श ग्राम पंचायत के श्रेणी में रखा जा सकता है और यह सब पूरा करने के बाद जिले में परचम लहराने के लिए तैयार है सल्टौआ विकास खण्ड का एक ग्राम पंचायत सिसवारी।


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सिसवारी जिला मुख्यालय बस्ती से 14 किलोमीटर बस्ती -बांसी रोड़ के किनारे बसने वाला एक ग्रामीण क्षेत्र है ,जंहा पर 215 परिवारों में लगभग 3000   की आबादी निवास करती है ।

सिसवारी की बात करें तो यंहा का वातारण काफी सुंदर है लेकिन गांव के लोगों में जागरूकता की कमी ,योजनाओं की नपंहुच ,जिम्मेदार लोगों की उदासीनता ने गांव के वातावरण को  काफी दिन तक सम्पन्न नही होने दिया ।

लेकिन पिछले 8 महीने में सिसवारी में जो बदलाव आया है अगर इसकी बात करें तो यह जिले भर के ऐसे गांव को आइना दिखा रहा है जंहा पर आजादी के बाद से बदलाव नही आ पाया ।
 महज एक साल के अंदर सिसवारी गांव में जो बदलाव आया है यह किसी कल्पना से कम नही है  और  इसका पूरा श्रेय ग्राम विकास  अधिकरी जितेंद्र सिंह ,ग्राम प्रधान सफात मोहम्मद ,स्वेच्छागृह राम सहाय ,स्वच्छ भारत मिशन की टीम पंकज चौधरी ,रजनीश उपाध्याय ,एवं महेश महेश चौधरी के साथ सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ,बेचन एवं अनूप को जाता है। ग्रामवासियों ने अपने गांव को स्वच्छ बनाने में काफी योगदान दिया। 

ग्राम प्रधान मोहम्मद सफात ने बताया की जब मिशन की शुरुआत हुई तो यह काम  आसान नहीं था. जिद्दी लोग भी मिले जिन्होंने कहा कि वो तो बाहर ही शौच के लिए  जाएगे घर मे नहीं जाएंगे. पर जब सभी गावं के लोगों ने उन्हें वास्ता दिया और  स्व्च्छ्ता टीम ने समझाया तो बदलाव आना शुरू हो गया. चाहे कितना भी गरीब घर क्यों ना हो. सभी ने शौचालय बनाने शुरु कर दिए. धीरे-धीरे चारों तरफ वातावरण साफ होता चला गया. सिर्फ सात  महीने में गांव के  लोगों ने वो कर दिखाया जो सम्भव ही नहीं था. लेकिन  आज गांव में 161 शौचालय स्वच्छ भारत मिशन से 35  शौचालय पूर्व की योजना से एवं 15 निजी शौचालय के चलते गांव को  खुले शौच से मुक्त कर दिया गया। 


                          

पानी निकासी की व्यवस्था 
गांव में एक बड़ी समस्या थी जलजमाव जिसके चलते बारिस के मौसम में गांव में संक्रमित बिमारियों के फैलने का डर बना रहता था लेकिन आज गांव के पानी को गांव से बाहर निकालने के लिए ह्यूमन पाइप का निर्माण किया गया जिसमे सबसे बड़ी बात यह है कि घर से निकलने वाले पानी को पाइप के जरिये ह्यूमन पाइप से जोड़ दिया गया जिससे एक जगह पर पानी एकत्रित करने की समस्या नहीं बनेगी। 

          
स्वच्छ पेय जल की व्यवस्था 
गांव के लोगों को स्वच्छ जल मिले इसके लिए जल निगम द्वारा नीर निर्मल योजना के तहत पानी के टंकी का निर्माण कराया गया जिससे सभी घरों को पाइप लाइन के जरिये साफ पानी पंहुचाया जा रहा है। साथ ही गांव में टीटीएसपी का निर्माण 2014 में हुआ था उससे भी लोगों को पेय जल मिल रहा है। 

गांव के निवासी रामदेव यादव ,सुभान अली ,हकीकुल्लाह ,एवं रामभवन ने बताया कि गांव के बाहर सड़कों पर गंदगियों को देखकर हम लोग खुद सर्मिन्दा होते थे लेकिन गांव में जिस तरहं से बदलाव आया है उसके बाद से सुबह सुबह गांव के पश्चिमी छोर पर लोगों को हवा में सैर  करते देखा जा सकता है। 


              

ग्रीन गांव बनाने की तैयारी 

शुक्रवार को गांव में एक चौपाल का आयोजन किया गया जिसमे ग्राम प्रधान ,ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ ,दूसरे  गांव के ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत वर्मा ,तकनिकी सहायक आनंद त्रिपाठी ,गोपाल जी वर्मा ,एसके सिंह ,एवं विशुनपुर के प्रधान प्रतिनिधि वेदप्रकाश के साथ ग्रामवासियों ने हिस्सा लिया। चौपाल कार्यक्रम में प्रधान मोहम्मद सफात ने इच्छा जाहिर करते हुए बताया की वे गांव को ग्रीन ग्राम बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा की गांव के बाहर अपशिष्ट पदार्थों को नष्ट करने के लिए एक गड्ढे का निर्माण किया जायेगा ,गांव के अंदर एवं बाहर पेड़ लगाए जायेंगे ,डस्टविन की व्यवस्था की जाएगी ,ज्योग्राफी इन्फर्मेशन सिस्टम (जीआईएस )से गांव के भौगोलिक आकृतियों को प्रस्तुत किया जायेगा एवं पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम  से गांव को सुसज्जित किया जायेगा। 




इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के सभी घरों में शौचालय ,आवास ,एवं पात्र लोगों को सभी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए हम  समय -समय पर बैठक कर रहे हैं ,गांव के लोगों में जागरूकता आये एवं सरकर की मंशा को पूरा किया जाये यह हमारी प्राथमिकता है। प्रधान द्वारा ग्रीन गांव बनाये जाने की इच्छा पर उन्होंने कहा की यह गौरव का विषय है कि बस्ती का एक गांव राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा ,चिकित्सा ,स्वच्छता ,जागरूकता  में मिसाल कायम करके परचम लहरायेगा ,इसके लिए सरकार की जो भी योजनाएं हैं उसे क्रियान्वित किया जायेगा एवं ग्रीन गांव बनाने के संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जायेगा। 
जितेंद्र सिंह ,ग्राम विकास अधिकारी ,सिसवारी


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