देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह अब ज्ञानी के साथ साथ भविष्य वक्ता भी हो गये हैं- मसूद अहमद - तहकीकात न्यूज़

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Tuesday, 30 October 2018

देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह अब ज्ञानी के साथ साथ भविष्य वक्ता भी हो गये हैं- मसूद अहमद

चीफ रिपोटर up - चन्द्र मोहन तिवारी

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने कहा कि देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह अब ज्ञानी के साथ साथ भविष्य वक्ता भी हो गये हैं। यही कारण है कि उनकी भविष्यवाणी के अनुसार 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बन जायेगाा



उनके द्वारा अपने इस वक्तव्य के साथ प्रस्तुत तथ्य नकारात्मक होने के साथ साथ हास्यास्पद भी हैं। गृह मंत्री का यह कहना कि पाकिस्तान से यदि एक गोली चली तो हिन्दुस्तान की गोलियां गिनी नहीं जा सकेगी, बडा हास्यापद और आष्चर्यजनक वक्तव्य प्रतीत होता है जैसे कि उनके प्रधानमंत्री लगभग 5 साल से 56 इंच का सीना बताते हुये नहीं थके उसी तरह गृह मंत्री पाकिस्तान के खिलाफ शब्दों की आग उगलने से नहीं चूकते हैं। 
डाॅ0 अहमद ने कहा कि गृह मंत्री अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ की कानून व्यवस्था अब तक नहीं सुधार सके जहां पर दिन दहाड़े हत्या लूट, बलात्कार जैसी घटनाएं घटित हो रही है और प्रदेश की सरकार भाजपा की होते हुये भी गुण्डे माफिया खुलेआम घूमकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। देश का वह गृह मंत्री जिसके पास पूरे देश की कानून व्यवस्था की बागडोर हो वह अपने ही संसदीय क्षेत्र में नाकाम साबित हो रहा है। उनके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डेढ वर्ष पहले कह चुके थे कि गुण्डे माफिया या तो जेल में होगे या पुलिस द्वारा ठोक दिये जायेगे। सैकड़ो बेगुनाह लोग पुलिस की गोलियों का शिकार भी बने फिर भी आज तक प्रदेश के दूर दराज इलाको की कौन कहे सरकार की नाक के नीचे राजधानी में ही हत्या लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। 
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के कथन पर विषशवास किया जाय तो यह अपराधी क्या पड़ोसी भाजपा सरकार वाले राज्यों से आयातित किये गये हैं जो लगातार घटनाएं कर रहे हैं और आयातित होने के कारण प्रदेश पुलिस उन्हें पकड़ने और अपराधों पर लगाम लगाने में नाकाम है क्योंकि हो सकता है उपर से ऐसे ही आदेश हों। वास्तविकता यह है कि भाजपा सरकार प्रदेश की जनता का ध्यान वास्तविक मुददों से भटकाकर अन्य क्षेत्रों में व्यस्त रखना चाहती है जिससे उसे राजनीतिक स्वार्थ हासिल हो सके।

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