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Monday, 1 October 2018

उन्नाव -शौचालय निर्माण में मानकों को किया गया दरकिनार लाखो का गोलमाल फिर भी नही की जा रही कार्यवाही







जिला संवाददाता- विशाल सिंह 

डीएम ने प्रधान व सचिव को 62लाख 16 हजार के दुरूपयोग की जारी की थी  नोटिस तीन माह बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही

प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर त्रिसदस्यीय समिति गठित करने एवं शाश्कीय धनराशि की वसूली करने की दी गई है चेताबनी।

प्रधानमन्त्री की अति महत्वपूर्ण स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौंचालय निर्माण में मानकों शासनादेशो को बलाये ताख रखकर व्यापक पैमाने पर घपला घोटाला किया जा रहा है । ऐसा ही एक मामला विकास क्षेत्र सफीपुर की ग्राम पंचायत सकहन राजपूतान में जांच के बाद उजागर हुआ है जिसे जिलाधिकारी ने जांच आख्या को गंभीरता से लेते हुए प्रधान एवं सचिव को 62 लाख 16 हजार रूपये शाश्कीय धनराशि का दुरूपयोग करने और मानकों के बिपरीत निर्माण कार्य कराने लक्ष्य की पूर्ति न करने और योजना को असफल करने के गंभीर आरोप सिद्ध करते हुए नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया है । निर्धारित समय में जवाब न देने की स्थिति में उ प्र पंचायती राज अधिनियम की धारा 95 (1-छ) के तहत प्रधान पद के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार समाप्त करने और त्रिसदस्यीय समिति का गठन करने की चेतावनी दी है । डीएम का नोटिस फरमान मिलते ही प्रधान व सचिव समेत ब्लाक में हड़कंप मच गया था । लेकिन जैसे जैसे समय व्यतीत हुआ सब ले देकर बराबर हो गया । तीन माह बीत गए डीएम के आदेश के बाद भी कार्यवाही नही की गई । पत्रावली को डीपीआरओ कार्यालय में दबा दी गई ।

       मालूम हो कि पीएम की अति महत्वपूर्ण स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत गाँव गाँव हर घर शौंचालयो का निर्माण कराया जा रहा है जिसमे 12 हजार रूपये दिए जाने और निर्माण कराने का प्राविधान है   इस योजनांतर्गत ब्लाक सफीपुर क्षेत्र के अंतर्गत 72 ग्राम पंचायतों के लिए करीब 25 हजार शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारण करते हुए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई थी । लेकिन गत वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया परंतु अभी तक प्राप्त लक्ष्य के की पूर्ति नही की जा सकी है । शौचालय निर्माण में मानकों और शासनादेशो की बलाये ताख रखकर ठेंगा दिखाते हुए   घटिया सामग्री का प्रयोग कर लाखों के बारे न्यारे किये गए है । 

      जिसका खुलासा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकहन राजपूतान में स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक श्रीश नारायण व सुलभ सिंह चौहान समेत डीपीआरओ सचिव राजेन्द्र यादव द्वारा गाँव में किये गए स्थलीय निरीक्षण एवं निर्मित शौंचालयो की गुणवत्ता जांच में हुआ । जांच में पाया गया कि लक्ष्य 727 शौचालयों का दिया गया था जिसकी पूर्ति नहीं की गई है 62 लाख 16 हजार रुपया अवमुक्त किया जा चूका है । 

       जांच में पाया गया कि शौंचालय निर्माण मानकों को दरकिनार किया गया कि शौंचालयो में रूरल सीट की जगह अरबन सीट लगाई गई है वही छत एक हिस्से में न डालकर दो हिस्सों में डाली जाना पाया गया जो शासनादेशो और मानकों के विपरीत है । इस प्रकार जांच टीम ने खामियां पाई और प्राप्त शाश्कीय धनराशि का ससमय उपयोग न करने एवं योजना को असफल बनाने का दोषी पाया गया ।

       जांच टीम ने जांच आख्या जिलाधिकारी को सौंप दी थी जिसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 26 जून को ग्राम प्रधान सुनीता और तात्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी तेजपाल  को नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण तलब करते हुए शाश्कीय धनराशि की वसूली करने वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करने त्रियस्त्रीय समिति का गठन करने की सख्त अल्टीमेटम दिया है था किन्तु जिला पंचायत राज अधिकारी की खाऊं कमाऊ नीति के चलते तीन माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई । पत्रावली को ठंढे बस्ते में डाल प्रधान को अभय दान दे दिया गया । डीएम के निर्देशों को दिखा दिया ठेंगा लाखो रूपये के शाश्कीय धन का गोलमाल करने वाले के खिलाफ नही की गई कोई कार्यवाही । शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को डाल दिया रद्दी की टोकरी में । 

यदि गुणवत्ता की जांच की जाए तो लाखों का मिलेगा घोटाला

सफीपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत सकहन राजपूतान में ठेकेदारी प्रथा में शौंचालय निर्माण में किया गया व्यापक लाखो का घोटाला मानकों के बिपरीत निर्माण सामग्री का प्रयोग करके किया गया है । शौचालय निर्माण में घटिया किस्म का 700 पीला ईंटा ,दो बोरी सीमेंट, एक से सवा किलो दो सूत की सरिया , मौरंग की जगह स्टोन डस्ट,का प्रयोग किया गया है जो मानकों शासनादेशो की धज्जियां उड़ा रहे है । इतना ही नहीं शौंचालय में दो गड्ढों की जगह सिर्फ एक गड्ढा ही बनाया गया है । इसके अलावा दर्जनों आपात्रो को शौचालय दिए गए है जिनके पूर्व से शौचालय बने है उन्हें भी देकर बंदरबांट किया गया है । सीटे टोंटी पल्ले ढक्कन आदि में भी घोटाला किया गया है । गाँव में सैकङो पात्र लाभर्थी योजना के लाभ से बंचित है । जिन्हें खुन्नस बस प्रधान ने शौचालय नहीं दिए कल्लू राकेश रघुवीर जितेंद्र आदि ने बताया कि शौचालय निर्माण में किये जा रहे घोटाले की शिकायतें की गई लेकिन कोई जांच और कार्यवाही नहीं की गई । अगर मानकों और गुणवत्ता की जांच कराई जाए तो एक भी शौचालय सही नहीं मिलेगा । सभी मानक के विपरीत घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग करके निर्माण किया गया है । एक गड्ढे के  शौचालय बनाये गए है । 

बिना लक्ष्य पूर्ति के पहले ही 90 शौचालयों की धनराशि कर गई वापस
बताते है कि प्रधान और सचिव की अलमस्ती देखो अभी लक्ष्य की प्राप्ति हुई नहीं गांव शौंचालयो से संतृप्त हुआ नहीं लेकिन 90 शौंचालयो की धनराशि बिना किसी आदेश या अनुमति के वापस कर दी गई ।

वही इस मामले मे जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि कार्यवाही की जा रही है नोटिसें जारी की गई है संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुए है । अब वित्तीय अधिकार सीज कर समिति गठित करने और गमन की गई शास्श्कीय धनराशि की वसूली करने की कार्यवाही की जायेगी जो की जा रही है

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