शुगर का कटोरा कहा जाने वाला पूर्वांचल चीनी उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह तबाह हो गया - शलभ मणि त्रिपाठी - तहकीकात न्यूज़

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Saturday, 20 October 2018

शुगर का कटोरा कहा जाने वाला पूर्वांचल चीनी उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह तबाह हो गया - शलभ मणि त्रिपाठी

चीफ रिपोर्टर UP - चन्द्र मोहन तिवारी 
 
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार गन्ना किसानों के हित में शानदार फैसले ले रही हैं। महज 18 महीनों की सरकार में उत्तर प्रदेश सरकार ने बंद पड़ी तमाम चीनी मिलों को दुबारा शुरू कराने के साथ ही तमाम पुरानी मिलों की क्षमता बढाने का भी काम किया है। 



खास बात ये भी है कि इसमें चौधरी चरण सिंह के कर्मक्षेत्र रमाला की शुगर मिल भी शामिल है। इस शुगर मिल की क्षमता बढाने और इसे अत्याधुनिक बनाने की मांग पिछले 35 साल से किसान भाई कर रहे थे, परंतु योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इसे संवेदनशीलता से लेते हुए लगभग 400 करोड़ रूपए देकर शुगर मिल का कायाकल्प कराया है और चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि को बड़ा तोहफा दिया है।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में योगी आदित्यनाथ और गन्ना मंत्री सुरेश राणा की कोशिशों का ही नतीजा है कि यूपी ने इस बार देश में चीनी के कुल उत्पादन की 38 फीसदी चीनी का उत्पादन कर रिकार्ड कायम किया है। उत्तर प्रदेश ने इस बार अकेले 120 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है जो पहली बार कभी नहीं हुआ।

इतना ही नहीं, योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अखिलेश सरकार के दौरान बकाया गन्ना भुगतान तो किया ही, इस सत्र में भी गन्ना किसानों को तेजी से भुगतान किया जा रहा है। कुछ चीनी मिलें जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है, उनको गन्ना किसानों के भुगतान के लिए सरकार ने साफ्ट लोन की सुविधा मुहैया कराई है। ताकी गन्ना किसानों के भुगतान में किसी तरह की परेशानी ना हो। यह भी सुनिश्चित कराया गया है कि साफ्ट लोन का पैसा चीनी मिलों के खाते में ना जाकर सीधे गन्ना किसानों के खाते में भेजा जाएगा।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इन्ही प्रयासों से योगी आदित्यनाथ की सरकार अब तक गन्ना किसानों को 27 हजार 486 करोड़ का भुगतान कर चुकी है। इतना ही नहीं अखिलेश यादव की सरकार के दौरान गन्ना किसानों का बकाया रहा 44 सौ 43 करोड़ रूपए का भी योगी की सरकार ने भुगतान करा दिया है। शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि पिछली मायावती और अखिलेश की सरकारों के दौरान चीनी मिलें बर्बाद कर औने पौने दामों में बेंच दी गईं। शुगर का कटोरा कहा जाने वाला पूर्वांचल चीनी उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह तबाह हो गया। नतीजा गन्ना किसानों की हालत भी दिन पर दिन खराब होती चली गई। योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शपथ लेने के फौरन बाद से ही गन्ना किसानों की बेहतरी के कदम उठाने शुरू कर दिए।

गन्ना किसानों ने गन्ने की पैदावार कम कर दी। इसी का नतीजा है कि महज 18 महीनों में योगी सरकार ने सालों से बंद पड़ी पिपराइच चीनी मिल, मुंडेरवा चीनी मिल, बुलंदशहर चीनी मिल, सहारनपुर चीनी मिल, चंदौसी चीनी मिल दुबारा से शुरू करा दी है। इसका सीधा लाभ गन्ना किसानों को मिलने लगा है। गन्ना किसानों के हित में किए जा रहे कामों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  और गन्ना मंत्री सुरेश राणा बधाई के पात्र हैं।

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