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Monday, 22 October 2018

उन्नाव - जम्मू कश्मीर में कैंप के बाहर हुए आतंकी हमले में एक और लाल ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

जम्मू कश्मीर में कैंप के बाहर हुए आतंकी हमले में जनपद के एक और लाल ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया है। शहीद जवान को जम्मू में चुनाव सम्मन्न कराने के लिए भेजा गया था। उसी समय आतंकियों ने कैंप की रखवाली कर रहे जवान पर हमला बोल दिया। 


संघर्ष में जवान ने आतंकियों से अकेले ही सामना किया और देश की रक्षा की प्राणों की आहूति दे दी। इसकी खबर जैसे ही परिवाराीजनों को मिली, तो खुशियों का माहौल पल भर में गमों के सैलाब में डूब गया। चारों तरफ चीख पुकार मचने लगी।
जी हाँ ये मामला है उन्नाओ जिले के बीघापुर थाना क्षेत्र के गांव रावतपुर निवासी विजय कुमार जोकि सीमा सुरक्षा बल 42 बटालियन का जवान था। एसएसबी 42 बटालियने को जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने के लिये पुलवामा जिले में भेजा गया था।


चुनाव सम्पन्न हो चुका था, परंतु ऐन वक्त पर आतंकवादियों द्वारा हमला क्र दिया गया । पोस्ट की सुरक्षा में लगे विजय कुमार ने आतंकवादी हमला होते ही सतर्क हुआ और आतंकवादियों का अकेले ही डट कर मुकाबला किया। विजय कुमार के प्रयासों से पोस्ट के सभी अधिकारी और जवान सुरक्षित बच गये। लेकिन विजय ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिया और आतंकवादियों के हमले को विफल कर दिया। विजय कुमार के शहीद होने की खबर जैसे ही बीघापुर थाना क्षेत्र के रावतपुर पहुंची। वहां कोहराम मच गया। गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है ।




हम जब सुबह लौटे है ट्रैन से उतरे है तो एक लड़के ने बताया हमको कि बड़ा गलत हो गया हम कहे क्या हो गया बहुत कहा तब उसने बताया की विजय को गोली लग गयी है तब मालूम हुआ हमको,वहां से कोई अधिकारी नहीं आया अब तक,यहाँ से डेढ़ महीना पहले गए थे,मुठभेड़े  चलती होंगी वहां देखा तो नहीं है लेकिन बिना मुठभेड़ के ऐसे कैसे दूसरे के कोई गोली मार सकता है, बताते है की दो बजे तक आ जाएगी बॉडी, उसका नेचर तो अब हम क्या बताये अपने बच्चे की बड़ाई तो हम नहीं कर सकते है लेकिन पड़ोस में मोहल्ले में गाओं में दूसरे गाओं में जानकारी की जाये की इस बच्चे का कॅरेक्टर कैसा था, हाँ शादी हो गई, मुझे अपने बेटे के ऊपर गर्व है और अपने देश के लिए शहीद हुआ है |

हमको आर्थिक व्यवस्था चाहिए क्यूंकि बिलकुल डाउन स्थित में है हम लोग और हमारे बच्चे का नाम रोशन करने के लिए कुछ न कुछ गाओं में पार्क है, रोड है कुछ भी बनवा सकते है, गेट बन जाये,आर्थिक व्यवस्था में कम से कम उस लड़के के हैसियत के हिसाब से कम से कम पचास लाख रुपये मिलने चाहिए |

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