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Sunday, 21 October 2018

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर दिया - स्वतंत्र शुक्ला

चीफ रिपोटर up -चन्द्र मोहन तिवारी
 
लखनऊ शहर कांग्रेस कमेटी विचार-विभाग द्वारा आजाद हिन्द के सर्वोच्च कमाण्डर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा 21 अक्टूबर को स्थापित आजाद हिन्द अस्थाई सरकार के 75वां वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर आज शहीद स्मारक-लखनऊ पर आजाद हिन्द फौज का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान विषयक एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विचार विभाग के प्रान्तीय चेयरमैन सम्पूर्णानन्द ने किया।
 

यह जानकारी देते हुए उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी विचार विभाग के महामंत्री एवं प्रवक्ता स्वतंत्र शुक्ला ने बताया कि संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष नईम अहमद सिद्दीकी ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर दिया और आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।
 
 
उनकी सबसे बड़ी खूबसूरती थी कि उन्होने समाज के सभी वर्ग के लोगों को जोड़कर आजाद हिन्द फौज को गठित किया और वह पं0 नेहरू, महात्मा गांधी का इतना सम्मान करते थे कि उनके नाम से अपनी सेना के अन्दर ब्रिगेड भी बनायी थी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने ही सर्वप्रथम महात्मा गांधी जी को राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित किया था परन्तु दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान समय की भाजपा सरकार शहीदों की बात तो बहुत करती है लेकिन हकीकत यह है कि यहीं शहीद स्मारक पर शहीद भगत सिंह जी के साथ सुखदेव एवं राजगुरू की मूर्ति आज तक स्थापित नहीं की गयी है यह भारत के वीर सपूतों का अपमान है। हम मांग करते हैं कि जल्द से जल्द यहां पर शहीद भगत सिंह के साथ सुखदेव एवं राजगुरू की मूर्ति स्थापित की जाय यदि जल्द स्थापना नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी आन्दोलन करेगी।  
 
इस मौके पर विचार विभाग के प्रान्तीय चेयरमैन  सम्पूर्णानन्द ने कहा कि यह वह स्थान है कि जहां ब्रितानिया हुकूमत में आम भारतीयों के आने पर प्रतिबन्ध था आजादी की लड़ाई में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने इसी प्रतिबन्ध के विरूद्ध न सिर्फ आवाज उठायी बल्कि एक ऐसी फौज का निर्माण किया जिसने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये और आजादी के आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
 
संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए  नदीम अशरफ जायसी ने कहा कि देश के अन्दर दो विचारधाराएं चल रही हैं एक गांधी जी की विचारधारा है जिस पर चलते हुए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और दूसरी विचारधारा बांटने वाले आरएसएस, मुस्लिम लीग की है जिन्होने उन्माद फैलाकर भीड़तन्त्र की राजनीति की जिससे देश का लोकतन्त्र कमजोर होता है।
 
शुक्ला ने बताया कि इस अवसर पर उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के संगठन मंत्री  शिव पाण्डेय, अमीर हैदर, डा0 विनोद चन्द्रा,अशोक सिंह,  अमित श्रीवास्तव त्यागी, प्रदीप सिंह, श्रीमती रफत फातिमा, अनीस अंसारी ने भी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। 
 

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