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Monday, 12 November 2018

आज प्रदेश का किसान बुरे दौर से गुजर रहा है - अनिल दुबे

चीफ रिपोटर UP -  चन्द्र मोहन तिवारी

राष्ट्रीय लोकदल उ0प्र0 की कार्यसमिति जोनल अध्यक्षों की बैठक आज प्रान्तीय मुख्यालय पर प्रदेश  अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद की अध्यक्षता मेें सम्पन्न हुयी। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव शिवकरन सिह, राष्ट्रीय सचिव ओंकार सिह राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे तथा राष्ट्रीय सचिव ब्रहम सिंह बालियान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने किया। 


बैठक में संगठन को मजबूत करने, जनपदीय प्रभारियों से सम्बन्धित जिले की प्रगति रिपोर्ट, आगामी लोकसभा चुनाव, प्रदेषीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने, किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में आगामी 6 दिसम्बर को संविधान निर्माता बाबा साहेब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर के परनिर्वाण दिवस पर उनकी याद में संविधान बचाओं सप्ताह 6 दिसम्बर से 12 दिसम्बर तक मनाने का भी निर्णय लिया गया। 
 
इस पूरे सप्ताह में रालोद कार्यकर्ता अपने अपने प्रदेश के सभी जनपदों में बाबा साहेब की याद में श्रद्वांजलि सभाएं, चैपाल, पंचायत आदि आयोजित करके भाजपा सरकार द्वारा लगातार संविधान से की जा रही छेडछाड और संविधान को कमजोर करने की साजिशो का जनता में पर्दाफाश किया जायेगा।
 
 
बैठक को सम्बोधित करते हुये राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने प्रदेश सरकार को नाकारा बताते हुये कहा कि यह सरकार सभी मोर्चो पर असफल साबित हुयी है और अपनी असफलता को छिपाने के लिए पुनः मन्दिर का राग अलापना शुरू कर प्रदेश के सामाजिक सदभाव को बिगाडने में लग गये हैं। उन्होंने कहा कि सबका साथ सबका विकास का नारा देकर सत्ता में आयी भाजपा के कार्यकाल में सबको साथ देने की जगह सबको विघटित करने और विकास की जगह वैमनष्यता का विकास करने में लगी है। उन्होंनेे पार्टी पदाधिकारियों को आहवान किया कि वे किसानों, नौजवानों तथा शोषित वंचित तबके की आवाज को दबने न दे और मुखर होकर सरकार के खिलाफ आन्दोलन छेडें। 
 
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि आज प्रदेश का किसान बुरे दौर से गुजर रहा है। किसानों को न तो गन्ने की फसल का भुगतान मिल रहा है और न ही किसी फसल की उचित मूल्य पर खरीद हो रही है पेट्रोल और डीजल के दामों में हो रही वृद्वि से किसानों की कमर ही टूट गयी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसनों के नाम से चल रही अन्य योजनाएं या तो अव्यवहारिक है या उनके क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार व्याप्त है। ऊपर से राज्य सरकार ने बिजली दरें इतनी बढा दी हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में हर घर पर आर्थिक तंगी के काले बादल मडरा रहें हैं। सरकार नौजवानों को रोजगार देने में पूरी तरह फेल साबित हुयी। 
 

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