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Thursday, 29 November 2018

कानपुर - कलेक्ट्रट का नाम हो मिनी सचिवालय - कलेक्ट्रेट कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल

 ब्यूरो कानपुर -  रवि गुप्ता 

उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने अपनी 13 सूत्रीय मांगे न पूरी होने को लेकर कार्य का बहिष्कार करते हुए दो दिवसीय हड़ताल रखी जहाँ आज   कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पार्क में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।



मांगे न पूरी न हुई तो आगे आंदोलन का रास्ता तय होगा

धरने का नेतृत्व कर रहे नितिन कुमार ने बताया कि पुरानी पेंशन और 13 सूत्रीय मांगो को लेकर कई वर्षों से हम सभी मांग कर रहे है लेकिन अब तक कोई भी मांग पूरी न हुई उन्होंने कहा कि की जिस तरह सरकार ने इलाहबाद को प्रयाग कर दिया , फैजाबाद को अयोध्या कर दिया उसी तरह कलेक्ट्रेट को मिनी सचिवालय घोषित कर दिया जाए।  बीते 3 माह पहले सीएम के साथ प्रान्तीय स्तर की बैठक हुई थी जिसमें उन्होंने आश्वशन भी दिया था इन मांगों को पूरा करने के लिए लेकिन आज तक वह मांगे पुरी न हो सकीं तबसे लगातार हम सभी पिछले कई दिनों से सँघर्ष कर रहे है। हमारी मांग है
 
 
 सरकार कलेक्ट्रट का नाम मिनी सचिवालय घोषित कर दे। पुरानी पेंशन बहाली की डिमांड का अब तक कोई रास्ता नही निकल सका है,  कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति प्रदान की जाए, समान कार्य का समान वेतन के सिद्धान्त के आधार पर कलेक्ट्रेट कर्मियों को भी सचिवालय के बराबर वेतन भत्ते अनुमन्य कराया जाए ऐसी तमाम मांगों के साथ हम सभी कार्य का बहिष्कार कर दो दिवसीय हड़ताल करते हुए  धरना प्रदर्शन करने को मजबूर है यदि हमारी मांग न पूरी हुई तो आगे बड़ा निर्णय लेकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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