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Saturday, 22 December 2018

इस सरकार में अपराधी बैखौफ हैं जनता त्रस्त है और उ0प्र0 पुलिस पस्त है - अनूप पटेल

महेंद्र मिश्रा ब्यूरो उत्तर प्रदेश


उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के ऊपर 2006 से 2013 के बीच लगे सभी मुकदमों का ब्यौरा मंगाया है और मुकदमें वापस लेने की तैयारी में है।


योगी सरकार ने भारतीय दण्ड संहिता का बंटवारा करने की कोशिश की है जिसमें सरकार कह रही है कि आईपीसी की धारा में कुछ मुकदमें राजनैतिक विद्वेश के कारण भी लिखाये गये हैं यह पहली बार हो रहा है कि भारतीय दण्ड संहिता में इस सरकार ने यह तय कर दिया है कि आईपीसी की धाराओं मेें कुछ धाराएं राजनैतिक भी होती हैं और कुछ अपराधिक भी होती हैं। 
यह समीक्षा कब की गयी प्रदेश की जनता को इस बात की जानकारी नहीं है। जिन मुकदमों की वापसी की बात योगी सरकार कह रही है उसमें स्वयं मुख्यमंत्री पर लगा आईपीसी की धारा 302 का मुकदमा तथा उपमुख्यमंत्री  केशव मौर्या पर लगे दस आपराधिक मुकदमों जिसमें गैंगेस्टर एक्ट, आईपीसी की धारा 420, 392 जैसे मुकदमें शामिल हैं। इसी तरह के मुकदमें पूरे प्रदेश से मंगाकर लगभग 20 हजार मुकदमों की वापसी की तैयारी उ0प्र0 की योगी सरकार कर रही है।       
 
उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डाॅ0 अनूप पटेल ने आज जारी बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में 2014 में यह बात कही गयी थी कि फास्ट टैªक कोर्ट के माध्यम से राजनेताओं पर लगे मुकदमों का स्पीडी ट्रायल कराकर उनका निस्तारण कराया जायेगा। उच्चतम न्यायालय ने भी केन्द्र सरकार व सभी राज्य सरकारों को निर्देशित किया है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर सभी राजनेताओं पर लगे मुकदमों का त्वरित निस्तारण किया जाये। मुकदमें वापसी की वजह से उत्तर प्रदेश पुलिस के मनोबल पर भी बुरा असर पड़ता है। पुलिस जिस अपराधी पर मुकदमें लिखती है उसकी विवेचना कर आरोपी साबित होने पर ही अपनी चार्जशीट  न्यायालय में दाखिल करती है। ऐसी स्थिति में बगैर ट्रायल हुए मुकदमें की वापसी पर पुलिस का मनोबल भी गिरता है व पीड़ित का भी न्यायपालिका से व उ0प्र0 पुलिस से विश्वास उठ जाता है। उसे बार-बार यह लगता है कि इस व्यवस्था में वह न्याय से वंचित रह गया। दूसरी तरफ भारतीय दण्ड संहिता की मूल भावना पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। 
पटेल ने कहा कि येागी सरकार को प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कर न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का बल्कि सभी राजनेताओं पर लगे मुकदमों का त्वरित निस्तारण कराये जाने का प्रयास करना चाहिए।
पटेल ने कहा कि पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है।र कानून व्यवस्था ध्वस्त है। कहीं भारत माता की जय कहकर थाने फूंके जा रहे हैं कहीं पुलिसकर्मियों केा गोली मारी जा रही है तो कहीं पुलिस अधिकारियों पर जाति और लिंग के आधार पर गालियां दी जा रही हैं इससे भी उ0प्र0 पुलिस का मनोबल टूट रहा है और अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण आगरा में दसवीं की दलित छात्रा को जिन्दा जलाने की बात हो या फिर जनपद सुलतानपुर में दो सगे भाइयों का अपहरण कर एक को मौत के घाट उतारने एवं दूसरे को अधमरा करने की घटना हो, जहां वह लखनऊ के ट्रामा सेन्टर में जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहा है। इस सरकार में अपराधी बैखौफ हैं जनता त्रस्त है और उ0प्र0 पुलिस पस्त है।
प्रवक्ता ने कहा कि आगरा में हुई दलित छात्रा की जलाकर की गयी हत्या एवं सुलतानपुर में मासूम बच्चों का अपहरण व हत्या एवं प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर  कांग्रेसजनों द्वारा हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क में गांधी प्रतिमा के समक्ष कैण्डिल लेकर धरना दिया जायेगा।

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