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Monday, 3 December 2018

कानपुर - अपने आशियाने को गिरता देख छलक पड़े आशू, कुछ इस तरह खाली कराया प्रशासन ने कालोनी

ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता 

ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन (बीआईसी) की बची संपत्तियों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद खाली कराने के लिए जिला प्रशासन सुबह से ही भारी पुलिस बल के साथ में वीआईपी रोड स्थित बीआईसी कालोनी पहुंच गया जहां लोगों को हिदायत देते हुए अवैध कब्जेदारों के मकानों को खाली कराने की प्रक्रिया शरू कर दी गयी प्रशासन ने यहां पर रह रहे 52 परिवारों से इस कालोनी को खाली कराया है इस दौरान पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीमें ,जेसीबी समेत टीमें मौजूद रही और कालोनियों को तोड़कर उसे मलबे में तब्दील कर दिया आलम यह रहा कि जेसीबी ने हरे भरे पेड़ो को भी नही बक्शा और उन्हें भी जड़ से उखाड़ फेंका इस दौरान वहां पर रहने वाले मजदूरों के परिवारो की आंखों में यह दर्दनाक मंजर साफ दिखाई दिया। लोग रोते बिलखते अपने मकानों को अपने ही हाथों से तोड़ते हुए दिखाई दिए और जिन्हें नही तोड़ पा रहे थे उन्हें जेसीबी के माध्यम से तोड़ा गया छोटे छोटे बच्चे अपने घर के मलबे पर बैठकर टूटते हुए आशियानों को देखते रहे।


भरी आंखों से ली एक दूसरे से विदा

आपको बता दें कि वीआईपी रोड पर यह बीआईसी कालोनी सैकड़ो वर्ष पुरानी है यह एल्गिन मिल की कालोनी थी जिसमें एल्गिन मिल में काम करने वाले कर्मचारियों को एल्गिन मिल प्रशासन द्वारा अलॉट कराई गई थी वही इन कालोनियों में रहने वाले कर्मचारियों से बकायदा एल्गिन मिल प्रशासन रहने के एवज में उनसे रुपये भी गारंटी के तौर पर लिया था और कर्मचारियों से यह भी कहा था
 
 
 
जब यह कालोनी खाली कराई जाएगी तो आपका पैसा आपके परिवार के सुपुर्द कर दिया जाएगा लेकिन न तो पैसा ही वापस मिला न ही कालोनी हाथ लगी जिसके बाद यहां रहने वाले कर्मचारियों के परिवार में प्रशासन व केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है लोगों का आरोप है कि प्रशासन जबरन हमसे यह कालोनी खाली करा रहा है इसका हाईकोर्ट में मामला भी विचाराधीन चल रहा है। जिसका हाइकोर्ट से 5 दिसम्बर को जजमेंट आना है लेकिन जजमेंट आने के पहले ही प्रशासन ने यह कालोनियां खाली करा दीं अब ऐसी परिस्थिति में हम सभी के पास फुटपाथ का ही सहारा बचा है घर मे छोटे छोटे बच्चे इस भीषण ठंडी में फुटपाथ पर खुले आसमान पर रहने को मजबूर है प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही कराई गई है। कालोनी का मकान खाली करने वाले बलवंत ने बताया
 
हमारी यहां 3 पीढ़ियों से रहते चले आ रहे है हमारे बाबा यहां कार्यरत थे उसके बाद हमारे पिता एल्गिन मिल में कर्मचारी थे हम लोगो से प्रशासन ने 80 हज़ार रुपये लेकर यह कालोनियां अलाट कराई थी और कहा था कि जब कालोनियों को खाली कराया जाएगा तो 80 हज़ार रुपये के साथ उसका ब्याज भी दिया जाएगा लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने पहले नोटिस दिया कि खाली कराओ उसके बाद भी हम लोगो की कालोनियां जबरन खाली करा दी ऐसे में न तो हमे इसका ब्याज मिला और न ही मूलधन बल्कि प्रशासन ने जहां हम रह रहे थे उसे भी खाली करा दिया। कालोनी में रहने वाली साधना रोन्धे गले से बताया कि यह कालोनी में हमारे बाप दादाओं के जमाने से है इस कालोनी में हमारे पुर्वजो की मेहनत के खून पसीने के एक एक रुपया लगा हुआ है लेकिन हमारी आँखों के सामने इसे तोड़ा जा रहा है जिसे हम उजड़ते तौर पर साफ तौर पर देख रहे है ऐसे में प्रशासन ने कोई हमारी कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नही की ऐसे में कहाँ जाए। एसीएम 5 एमपी सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कालोनियां खाली कराई जा रही है लिक्विडेटर और फोर्स के साथ अवैध कब्जों को हटवाया जा रहा है कुछ लोग विरोध कर रहे थे जिन्हें शांत करा दिया गया है।

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