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Monday, 17 December 2018

कानपुर -- उमा भर्ती ने किया एलान डेढ़ साल गंगा किनारे रात्रि प्रवास का लिया संकल्प

ब्यूरो कानपुर- रवि गुप्ता

 शहर से गुजरने वाली मां गंगा की निर्मलता और अविरलता की जांच के लिए केंद्रीय मंत्री उमा भारती सोमवार को कानपुर पहुंची। जहां उन्होंने सबसे पहले जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ मंदिर में भोलेनाथ का अभिषेक किया और अपने मिशन नमामि गंगे को लेकर शहर के सरसैया घाट पहुंची वहां से उन्होंने स्टीमर द्वारा गंगा में गिरने वाले नालों का निरीक्षण किया 
 
इस दौरान उमा भारती ने एशिया का सबसे बड़ा 128 साल पुराना सीसामऊ नाले का निरीक्षण किया और निरिक्षण के दौरान  सीसामऊ नाले से गिरने वाला  पूरी तरह बंद दिखाई दिया जिस पर उन्होंने राहत की सास ली। निरीक्षण के बाद उमा भारती बैराज पहुंची जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि  जिस दिन मुझे नितिन गडकरी जी बीजेपी में लाने के लिए कहा और मुझे अंदाज नही था
 
 कि मुझे बीजेपी में लाया जाएगा मै तो गंगा कार्य के  अभियान में सम्मिलित थी  गंगा कार्य 2016 में गंगा कार्य्रकम को लेकर हमारा मिशन शुरू हो गया  था कि 2018 में सारे परिणाम आ जाएंगे लेकिन गंगा सोसाइटी के अधिकारों कम होने की वजह से और लोड होने की वजह से साथ ही आचार संहिता लग जाने से कुछ लेट हो गया। 2014 से 2024 तक का फेज था  2016 में क्रियान्वयन शुरू हुआ,2018 में क्रियान्वन  का परिणाम शुरू 2021 में निर्मलता का काम खत्म और अविरलता 2024 तक गंगा निर्मल और अविरल दिखेगी।

128 साल पुराना नाला सीसामऊ नाला 14 करोड़ लीटर दूषित पानी रोज गिराने वाला नाला मुझे सबसे बड़ा दुश्मन लगता था ये मेरे सपनो में आता था और मेरे सीने में बहता था यहाँ जब-जब आती थी मुझे लगता था कि इस दुश्मन को किस तोप के गोले से उड़ाऊँ पूरी दुनिया मे गंगा जी को लेकर हमारी बदनामी होती थी उसमें मुख्यता सीसामऊ नाले को ही दिखाया जाता था आज पूरी तरह से उसे ट्रीट कर दिया गया मेरे यहाँ आने का कारण ही यह था कि मुझे अखबार के जरिये पता चला की सीसामऊ नाला ट्रीट हो गया जबकि अगले दिन खबर आती है नाले में अभी भी दूषित पानी आ रहा है जिसकी हक़ीकत जानने आज पहुंच गई।
 
मैं इस विभाग की मंत्री अब नही हु लेकिन नितिन जी ने मुझे गंगा से कभी अलग नही किया उन्होने मुझे गंगा से जुड़े सभी अधिकार दे रखे थे कहीं भी गंगा का निरीक्षण कर सकती हूं। 2016 में  जब लांचिंग कर दी थी  सीएम थी एमपी की उस वक्त वहां की सड़के बहुत खराब हुआ करती थी पैदल चलना मुश्किल था भोपाल से सागर 190 किलोमीटर की सड़क पकड़ी और उसे 90 दिनों में ठीक कर दिया जहां पहुंचने में 9 घण्टे लगते थे बनने के बाद भोपाल से सागर साढ़े 3 घण्टे में पहुंच गए। इस 128 साल पुराने सीसामऊ नाले 1985 से ट्रीटमेंट की कोशिश शुरू हुई लेकिन कई अड़चने आईं लेकिन आज यह देख कर सौ प्रतिशत कह सकती हूं कि गंगा को निर्मल किया जा सकता है 2016 की यह कोशिश आज सफल हो गयी सरकार नाले बन्द करा सकती है लेकिन किनारे की गंदगी देख कर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इसके लिए खुद जागरूक होना होगा।
 
सार्वजनिक तौर पर उन्होंने अपील करते हुए कहा कि तप करना पड़ेगा, निर्मलता तो आ जायेगी सरकार की कोशिश से,लेकिन गंगा की अविरल धारा के लिए एक्ट बहुत जरूरी है। हमारी कमेटी द्वारा एक्ट बना हुआ रखा है जीडी अग्रवाल जी का अनशन था उन्होंने कहा था वाकई अध्यादेश लाना पड़ेगा वह स्थिति आ सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि गंगा पर किसी का विरोध नही है अब मेने यह तयः किया है कि डेढ़ साल तक रात्रि प्रवास गंगा किनारे करूंगी 2016 में लांचिंग के बाद अमित शाह से कहा था कि मुझे गंगा के जनजागरण करने के लिए छोड़ दीजिए मुझे मंत्री पद की कोई जरूरत नही गंगा हमेशा तो मेरे ह्रदय में बसती हैं उनको शंका थी कि मैं कभी भी पद छोड़ सकती हूं उनकी बात मानते हुए गंगा जल पर हाथ पर रखा और कहा कि जब तक आप नही कहोगे तब तक नही पद छोडूंगी तब उन्होंने आश्वस्त हुआ नही तो 2016 में ही मंत्री पद छोड़ देती।

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