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Friday, 22 February 2019

कानपुर देहात - बिना महिला चिकित्सक के चल रहा यह मेटरनिटी विंग, नवजात की मौत पर जमकर काटा हंगामा..

 अरविन्द शर्मा ब्यूरो

जिले के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया, जिसमें एक नवजात की मौत हो गयी। कानपुर देहात के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक परिसर में बने मैटरनिटी विंग में परिजनों ने बीती रात जमकर हंगामा काटा, जब वहां भर्ती प्रसूता द्वारा जन्मे एक नवजात की मौत हो गयी। दरअसल बीती रात झींझक के मेटरनिटी विंग में एक दिन पूर्व कोठी पुरवा गांव की गर्भवती महिला को परिजनों ने भर्ती कराया था। प्रसव के बाद महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया। बीती देर रात नवजात की मौत होने पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में डॉक्टरों के समझाने पर परिजन शांत हुए।


जिले के झींझक ब्लाक के कोठीपुरवा औरंगाबाद निवासी शिल्पी पत्नी शिवम को परिजनों के साथ आई आशा रेशमा ने संस्थागत प्रसव के लिए झींझक के मेटरनिटी विंग में बुधवार की सुबह 11 बजे भर्ती कराया था। अस्पताल में तैनात स्टॉप नर्स प्रभा पाल ने महिला का प्रसव कराया। करीब शाम 4 बजे शिल्पी ने पुत्र को जन्म दिया, लेकिन एक घंटे बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई।  परिजनों का आरोप है कि विंग में कोई महिला डॉक्टर नहीं थी। इस पर सीएचसी के डॉक्टर ने वहां पहुंच कर बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। वहीं देर रात बच्चे की मेटरनिटी विंग में ही मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।प्रसूता के पति शिवम व ससुर सुरेश ने बताया कि बच्चे की मौत लापरवाही से हुई है। जब बच्चे की हालत बिगड़ी तो विंग में डॉक्टर नहीं मिले। जिसके कारण ही बच्चे की मौत हुई है। विंग में कोई भी महिला डॉक्टर नहीं थी। सीएचसी में मौजूद डाक्टर प्रतीक पांडेय ने बताया कि प्रसव के समय बच्चे के पेट में गंदा पानी चला गया था। जिससे बच्चे की हालत बिगड़ी थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर किया गया था, लेकिन बच्चे की मौत हो गई। बताते चलें कि स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ देने के लिए शासन द्वारा मैटरनिटी विंग बनवाया गया था। जिसे शुरू हुए करीब 6 माह गुजर गया लेकिन अभी तक विंग में किसी महिला डॉक्टर की तैनाती नही की गई है। झींझक का यह मेटरनिटी विंग स्टाप नर्सों के सहारे ही चल रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर विमलेश वर्मा ने बताया कि महिला चिकित्सक के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लिखित भेजा जा चुका है।

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