बनारस - वाराणसी के नागरिक दूषित पानी पीने को बाध्य, चुनावी मौसम में भी नहीं कोई पूछने वाला, नेता से लेकर विभाग तक ने साध रखी है चुप्पी मोहल्ले की जनता परेशान -संक्रामक रोगों के प्रकोप में आने की आशंका - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

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Sunday, 7 April 2019

बनारस - वाराणसी के नागरिक दूषित पानी पीने को बाध्य, चुनावी मौसम में भी नहीं कोई पूछने वाला, नेता से लेकर विभाग तक ने साध रखी है चुप्पी मोहल्ले की जनता परेशान -संक्रामक रोगों के प्रकोप में आने की आशंका


ब्यूरो बनारस -कैलाश सिंह विकास

चुनाव का मौसम चल रहा है। हर पार्टी मतदाताओं को अपनी रीति-नीति से अवगत कराने में जुटी है। लेकिन किसी को जनता की परेशानियों से सरोकार नहीं। किसी दल के नेता-कार्यकर्ता को इससे कोई सरोकार नहीं कि जिससे वो पार्टी प्रत्याशी के लिए मत व समर्थन की अपेक्षा रखते हैं वो किन हालात में जीवन निर्वाह कर रहे हैं। अब अगर बात की जाए जीवन के लिए सबसे उपयोगी पेयजल की तो वाराणसी का हाल बुरा है। एक दो नहीं कई मोहल्लों में महीनों से दूषित जलापूर्ति हो रही है पर उन लोगों की बात सुनने के लिए न किसी नेता कार्यकर्ता को चिंता है न विभाग को। ऐसे में लोग बाध्य हैं दूषित पेयजल का उपयोग करने को।

बात करते हैं भारद्वाजी टोला की जहां करीब एक महीने से दूषित जलापूर्ति हो रही है। लेकिन न जलकल विभाग को लोगों की पीड़ा का एहसास है न क्षेत्रीय पार्षद को लोगो से कोई सरोकार। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार जलकल विभाग और पार्षद से इसकी शिकायत की। लेकिन जलकल विभाग सीवर समस्या की बात कह कर गली को भी खोद कर निकल लिया। विरोध करने पर जैसे-तैसे गली को दोबारा पाट कर रास्ता चालू किया लेकिन दूषित जलापूर्ति के बाबत कोई ध्यान नहीं दिया।

शनिवार को भी भारद्वारी टोला में स्थित 100 से अधिक घरों में गंदे पानी की सप्लाई जारी थी। लोगों ने बताया कि जलकल विभाग की वर्षों पुरानी पाइप लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसके कारण मिट्टी और दूषित पानी घरों में आ रहा है।

यह किस्सा केवल भारद्वाजी टोला का ही नहीं है, तुलसीपुर के लोगों को तो महीनों ने दूषित पेयजलापूर्ति हो रही है। क्षेत्रीय महिलाओं ने जलकल पर प्रदर्शन भी किया था। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इन महिलाओं के विरोध प्रदर्शन से क्षेत्र का एक नया नलकूप जिसे क्षेत्रीय विधायक के चलते चालू नहीं किया जा रहा था वह तो चालू हो गया पर इलाके के जिन घरों में जलकल से डायरेक्ट जलापूर्ति होती है उनकी सुनवाई अब तक नहीं हो सकी है।

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