सूचना के अधिकार की धज्जियां उड़ा रहे,सुल्तानपुर जिले के अधिकारी नही देना चाहते सूचनायें - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Sunday, 16 June 2019

सूचना के अधिकार की धज्जियां उड़ा रहे,सुल्तानपुर जिले के अधिकारी नही देना चाहते सूचनायें

रिपोर्ट - रीतू श्रीवास्तव

जनता सरकार के विभाग के अधिकारियों द्वारा भ्रस्टाचार की पोल खोल सके अपने अधिकार मांग सके कोई भी जानकारिया ले सके इसीलिए सरकार ने 2005 में सूचना का अधिकार (RTI ACT 2005) एक कानून बनाया,जिसमे कोई भी व्यक्ति कोई भी जानकारी छोटा से शुल्क देकर ले सकता है,पर इस सरकार में तो ये अधिकारीय भ्रष्ट और जनता इनसे त्रस्त है। मामला सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र का है,डकाही की निवासिनी किरन लता वर्मा ने अपने जमीनी विवादों में दो वर्षों से कोतवाली लम्भुआ उपजिलाधिकारी लंभुआ, उपनिबन्धक कार्यालय लम्भुआ पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर जिलाधिकारी सुल्तानपुर के साथ-साथ कोर्ट का चक्कर लगा रही है,इसी प्रकरण में किरन लता ने उपनिबन्धक लम्भुआ,जिलाधिकारी सुल्तानपुर और पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर से 12 अप्रैल 2019 को कुछ सूचनाये मांगी थी,RTI ACT 2005 के नियमानुसार जिसकी समय सीमा 30 दिन की होती हैलेकिन भ्र्ष्टाचार में लिप्त घूसखोर अधिकारी कर्मचारी सिर्फ जनता का खून चूसने और माल बटोरने में लगे है, न तो सूचना अधिकारी को और ना सरकार के कानून को मानते है,इस लचर सरकार में सभी अधिकारियो का डर खत्म हो चुका है,उनको किसी कानून से कोई लेना देना नही है,अपनी मन मर्जी के बादशाह है,शायद यही कारण है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी मांगी गई सूचना आज तक उपलब्ध नही हो सकी,उपनिबन्धक कार्यालय लम्भुआ ने समय सीमा समाप्त होने के बाद सिर्फ यह लिख कर अपनी जान छुड़ाना मुनासिब समझा कि कार्यालय आके सूचना देख लीजिए,और शुल्क जमा कर लिए,जिसकी शिकायत किरन लता वर्मा ने राज्य सूचना आयोग को अपील के माध्यम से की है।


No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।