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Sunday, 25 August 2019

राजकीय सम्मान से साथ दी जाएगी अंतिम विदाई,आज निगम बोध घाट पर होगा अंतिम संस्कार

 
 
 
 
भाजपा के चाणक्य और सरकार के संकटमोचक रहे पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली नहीं रहे। सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी के चलते 9 अगस्त से ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती 66 वर्षीय जेटली ने शनिवार दोपहर बाद 2:07 बजे अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर बाद दो बजे दिल्ली में निगम बोध घाट पर होगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दिग्गज हस्तियों ने जेटली के निधन पर दुख जताया है।पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर कैलाश कॉलोनी स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। रविवार को दोपहर 12 बजे डीडीयू मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय पर उनके अंतिम दर्शन किए जाएंगे। यहां से निगम बोध घाट तक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। दोपहर 2 बजे निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। 
 
भारत में अमेरिकी राजदूत केन जस्टर ने कहा कि अरुण जेटली के निधन की खबर बहुत दुखदायक है। उन्होंने ट्वीट किया, 'वह एक महान राजनीतिज्ञ और भारत एवं अमेरिकी संबंधों के मजबूत समर्थक थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।’अमेरिकी दूतावास ने भी शोक संदेश जारी किया है। दूतावास ने कहा है कि देश की सेवा के लिए लंबे समय तक जेटली याद किए जाएंगे।भारत में चीन के राजदूत सुन विडोंग ने दिवंगत राजनेता के परिजन के प्रति संवेदना प्रकट की। भारत में यूरोपीय संघ के दूत टी. कोजलोवस्की ने कहा, ‘अरुण जेटली के निधन की खबर से बेहद दुखी हूं। भारत, देश की जनता और उनके परिजन के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।’ब्रिटेन के राजदूत ने भी जेटली के परिवार, मित्रों और समर्थकों के लिए शोक संवेदना व्यक्त की है। जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडनेर ने कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन के बारे में सुन बेहद दुख हुआ। 

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