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Sunday, 22 September 2019

यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव में अपना जनाधार वापस लाने की तैयारी में कांग्रेस नेता एक बार फिर जुट


 रिपोर्ट- पुनीत मिश्रा 

विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार सिंह उर्फ लल्लू फर्रुखाबाद पहुंचे. उन्होंने कार्यकर्ताओं संग संगठन को मजबूत बनाने की रणनीति तैयार की. उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद को तिहाड़ जेल भेजने की मांग उठाई. उनका आरोप है कि स्वामी चिन्मयानंद शहजहांपुर जेल में रहकर जांच को प्रभावित कर सकते है.
  


कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार सिंह उर्फ लल्लू फर्रुखाबाद व आसपास के जिलों में कांग्रेस की स्थिति भांपने पहुंचे थे. उन्होंने दिनभर पार्टी वर्कर्स के साथ मीटिंग की. वहीं लो.नि.वि. के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगल राज कायम है. रोजाना लूट,डकैती, हत्या जैसी वारदतें घटित हो रही है. आगे कहा कि अभी कुलदीप सेंगर का मामला खत्म भी नहीं हुआ था कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता स्वामी चिन्मयांनद की करतूत सामने आ गई. छात्रा ने सोशल मीडिया पर स्वामी चिन्मयांनद का वीडियो वायरल कर देश के सामने इंसाफ की गुहार लगाई. मगर, प्रदेश सरकार मौनी बाबा बनकर तमाशा देखती रही. विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा कि यूपी में ढाई साल के विकास का कुलदीप सेंगर और स्वामी चिन्मयानंद प्रमाण के रूप में हैं. इन दोनों को भाजपा का समर्थन रहा.उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस घटना पर लीपापोती करने वाली थी. लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने मामले को संज्ञान में लिया. जिसके बाद स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी हो सकी है. हालांकि इससे पीड़िता को कुछ राहत जरूर मिली होगी. अगर प्रदेश सरकार स्वामी चिन्मयानंद को बचाने में नहीं जुटी थी तो आखिर अब तक सीएम योगी चुप क्यो रहे. इस मामले में न्यायालय को दखल क्यों देना पड़ा. उन्होंने कहा कि शहजहांपुर जेल में रहकर चिन्मयानंद घटना के साक्ष्य मिटाने की कोशिश करा सकते है. इसलिए उन्हें शाहजहांपुर से शिफ्ट कर तिहाड़ भेजना चाहिए.  ताकि जांच प्रभावित न हो सके.

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