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Wednesday, 1 April 2020

गोरखपुर : बाहर से आए लोगों से सोशल डिस्टेंस अपील की उडाई जा रही है धज्जियां

ब्यूरो गोरखपुर कृपा शंकर चौधरी

गोरखपुर । सरकार एवं जिला प्रशासन के अनुरोध के बावजूद गोरखपुर के अधिकाशं ग्रामीण क्षेत्र में  10 मार्च के बाद आए व्यक्तियों को गाँव मे ही शरण दिया गया है। सावधानी को ध्यान रखते हुए प्रशासन के द्वारा लगातार ऐसी खबरे चलने कि ऐसे व्यक्तियों को स्कूलों या पंचायत भवन मे रखा जाए से गांव के लोग भयभीत है।  
दरअसल कोरोना तीसरे स्टेज मे पहुंच कर महामारी का रूप न ले सके, इसके लिए केंद्र , राज्य , स्थानीय जिला प्रशासन समय समय पर लोगों को दिशानिर्देश दे रहे है। किन्तु गोरखपुर के ग्रामीण क्षेत्रों मे इसकी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। मानना है कि शासन द्वारा बताए तिथि के दर्मियान अधिकाशतः क्षेत्रों में बाहर से लोग आए है जिसमें ऐसे देश और भारत के जिले भी है जो इस समय कोरोना से प्रभावित चल रहे है।
तहकीकात न्यूज के तहकीकात मे पता चला कि जिले के अधिकाशं सरकारी विद्यालय के लिये आदेश तो आए किन्तु व्यवस्था नदारद है। कोरेटाइन किए गए लोगों की संख्या शून्य बताई गई। प्रधानों से बात करने पर  बाहर से लोगों का आना स्वीकार किया गया और सफाई मे बताया गया कि प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। कोरेटाइन के संवंध मे पूछे जाने पर बताया गया कि उक्त लोगों को सावधानी समझा दी गयीं है।
तह तक जानकारी जुटाने पर घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। आम नागरिक से लेकर प्रधान एवं स्वास्थ्य विभाग तक इसे गंभीरता से नही ले रहा है। सबका अपना अपना तर्क है । प्रधान द्वारा लोकल होने एवं आए हुए व्यक्ति स्वस्थ होने की बात कर कोरेटाइन से पल्ला झाड़ लिया जाता है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा नाहक गांव के लोगों द्वारा परेशान करना बताया जाता है।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को सार्थक पहल की आवश्यकता है अन्यथा छोटी सी चूक भारी समस्या को दावत दे सकती हैं।

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