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Sunday, 19 April 2020

लॉकडाउन के बीच स्कूल से निकाले गए आधा दर्ज़न शिक्षक-शिक्षिकाएं

गोरखपुर ब्यूरो

लॉकडाउन के बीच स्कूल से निकाले गए आधा दर्ज़न  शिक्षक-शिक्षिकाएं

प्रधानमंत्री की अपील के बाद भी नौकरी से निकाला, आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दर्ज होगा केस 

लॉकडाउन में नौकरी से न निकालने के शासन के आदेश की स्कूल प्रबंधन ने उड़ाई धज्जियां

कुसम्ही बाजार स्थित माउंट लिट्रा जी स्कूल का मामला

    _गोरखपुर। कोरोना वायरस के खतरे के बीच पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन के दौरान एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि किसी को नौकरी से न हटाया जाए, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के गृह जनपद  गोरखपुर में कुसम्ही बाज़ार स्थित सीबीएसई माध्यम से संचालित माउंट लिट्रा जी स्कूल ( सम्बद्धता कोड 2131573) में एक साथ 6 शिक्षक-शिक्षिकाओं को अचानक मैसेज भेजकर नौकरी से हटा दिया गया है।जबकि स्पष्ट आदेश है कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी स्थिति में कर्मचारियों की सेवा समाप्ति नहीं की जानी है।यह कृत्य शासकीय आदेशों के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता को दर्शाता है।
बिना किसी कारण निकाले गये शिक्षक व शिक्षिकायें इसकी शिकायत शासन - प्रशासन व मुख्यमंत्री कार्यालय में करने के साथ पुलिस को  शिकायत पत्र प्रस्तुत कर धारा 188, 269, 270, 51 व 58आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कह रहे है।
 कानून के जानकारों के अनुसार, मुकदमा की सुनवाई के दौरान आरोप सही साबित होने पर आरोपित को लंबे समय तक कारावास का प्रावधान है।
 
       गौरतलब है कि पूरा देश अभी कोरोना महामारी से लड़ रहा है। इसके रोकथाम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 24 मार्च को पहले 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया था, जिसे 14 अप्रैल को बढ़ाकर तीन मई तक कर दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री ने देश के नाम अपने संबोधन में स्पष्ट तौर पर कहा था कि लॉकडाउन के कारण कोई भी अपने यहां काम करने वाले को नौकरी से नहीं निकाले। 
शिक्षिकाओं ने बातचीत के दौरान बताया कि स्कूल की प्रधानाचार्या की ओर से मौखिक रूप से शिक्षण ठीक नहीं होने की बात कहकर हटाया गया है। *शिक्षकों का कहना है कि लाकडाउन के दौरान ही एक प्रतिष्ठित स्कूल को अपने शिक्षकों को परखने में तीन वर्ष से ज्यादा का समय कैसे लग गया।*
इस समय  महामारी के चलते हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में प्रभावित है। देश में लॉकडाउन चल रहा है। हर राज्य की सीमाएं सील है। हर व्यक्ति परिवार सहित घरों में बंद है। उसे सिर्फ रोजी-रोटी की चिंता सता रही है। इस बीच किसी की नौकरी चली जाए तो उसके परिवार पर संकट मंडराना शुरू हो जाएगा।
भूखों मरने की स्थिति उपत्पन्न हो जाएगी। इस परिस्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी संस्थान के मालिकों सहित अन्य प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की थी कि इस विपरित परिस्थिति में अपने किसी भी कर्मचारी को नौकरी से न निकालें ।
 इसके बावजूद  *माउंट लिट्रा जी स्कूल कुसम्ही बाज़ार प्रबंधन द्वारा लाकडाउन में कई कर्मचारियों की सेवा समाप्त* कर दी गई। इस परिस्थिति में नौकरी से निकाल देने से इन पर रोजी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन के समय में पहले से रोजी-रोजी की समस्या से जूझ रहे ये कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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