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Thursday, 16 July 2020

गौण्डा: भारी तबाही सरयू घाघरा के घटते जलस्तर के कारण 300 बीघे से अधिक जमीन काटकर किया नदी में समाहित

राकेशो सिंह गोण्डा 

 भारी तबाही सरयू घाघरा के  घटते जलस्तर के कारण 300 बीघे से अधिक जमीन काटकर किया नदी में समाहित

 करनैलगंंज ,गोण्डा । सरयू (घाघरा) का जलस्तर तेजी से घट रहा है। तेजी से घट रहे जलस्तर से नदी के किनारे खाली पड़ी जमीनों को निगल रही है। 24 घंटे में घाघरा नदी खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर के बजाय अब 19 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। तेजी से घट रहे जलस्तर से सबसे अधिक नुकसान किसानों का हो रहा है। जहां घटता हुआ जलस्तर नदी के किनारे खाली पड़ी जमीनों को काटकर नदी में समाहित करती जा रही है।

ग्राम बेहटा, कमियार, परसावल एवं माझा रायपुर के पास नदी बांध से कुछ दूरी पर है। वहीं ग्राम बांसगांव के पास घाघरा सीधे बांध से टकराकर बह रही है। घाघरा नदी का घटना खतरनाक होता है और घटते हुए जलस्तर में कटान का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में बीते 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर के बजाय घटकर 19 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। जिसमें करीब 300 बीघा से अधिक जमीन काटकर नदी में समाहित कर लिया है। बताया जा रहा है कि बीते 4 दिनों से बारिश कम होने एवं पहाड़ी क्षेत्र में भी बरसात न होने के कारण विभिन्न बैराजों से पानी कम छोड़ा जा रहा है और लगातार डिस्चार्ज भी कम हो रहा है। ऐसी स्थिति में जलस्तर घट रहा है।

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