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Thursday, 20 August 2020

विभागीय कार्यालयों में तुलसी का पौधा अवश्य लगाये, ले लाभ: डीएम कानपुर देहात

ब्यूरो कानपुर देहात:अरविन्द शर्मा

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कर लोगों को करे लाभान्वित: डीएम 

विभागीय कार्यालयों में तुलसी का पौधा अवश्य लगाये, ले लाभ: डीएम 


कानपुर देहात।जिलाधिकारी डाॅ दिनेश चन्द्र ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि उपरोक्त योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराया जाये जिससे कि लोगों को योजना के बारे में जानकारी हो और वह उसका लाभ उठा सके। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सवाल जवाब के दौरान कद्दू में क्या पाया जाता है इस दौरान प्रभारी राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र कानपुर अरविन्द बाजपेयी के द्वारा बताया गया कि कद्दू में कैल्शियम पाया जाता है जिस पर जिलाधिकारी ने सही जवाब देने पर 11 रू0 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। 
जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी, उप निदेशक कृषि, भूमि संरक्षण अधिकारी आदि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एक आपस में समन्वय स्थापित करते हुए जो छोटे उद्यमी है उनसे सम्पर्क कर उन्हें योजना का लाभ दिलाये। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते सभी विभागीय कार्यालयों, घरों आदि जगहों मंे तुलसी का पौधा अवश्य लगाये व गर्म पानी में तुलसी के पत्ते डालकर पिये जिससे शरीर के लिए लाभ होगा। उन्होंने कहा कि अपने विभाग की जानकारी हर हाल में होनी चाहिए। वहीं जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि आत्म निर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत उपरोक्त योजना द्वारा असंगठित क्षेत्र की इकाईयों की समस्याओं के निराकरण हेतु प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है। उक्त योजना अन्तर्गत उ0प्र0 राज्य हेतु 37805 सूक्ष्म उद्यमों को लाभान्वित कर 170123 कुशल एवं अर्द्धकुशल रोजगार का सृजन किया जाना प्रस्तावित है। यह योजना वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक संचालित की जायेगी। प्रदेश में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को इस योजना का नोडल बनाया गया है। इस योजना में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक जनपद एक उत्पाद अवधारणा के अन्तर्गत सुविधायें प्रदान की जायेगी। इस योजना के अन्तर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों की क्षमता में वृद्धि करने के लिए एफएसएसएआई, जीएसटी उद्यम आधार में पंजीकरण खाद्य सुरक्षा मानको एवं स्वच्छता के सम्बन्ध में तकनीकी जानकारी, बैंको से ऋण प्राप्त करने हेतु ब्रान्डिग एवं विपणन की जानकारी देना तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों द्वारा शीघ्र खराब होने वाले फल, सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थो का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्द्धन कर उनकी भण्डारण क्षमता बढ़ाना प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि जनपद कानपुर देहात में आलू, धान, गेहूॅ, टमाटर, आम, अमरूद एवं नींबू, कद्दू है। कानपुर देहात में आलू प्रसंस्करण, सब्जी एवं फल प्रंसस्करण, डेयरी उद्योग, मछली उत्पादन, मांस प्रसंस्करण एवं बेकरी उत्पाद से सम्बन्धित इकाईयां कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इसमें पूर्व में स्थापित इकाईयां पात्र होगी जिसमें इकाई का स्वामित्व आवेदक है तथा इकाई में 10 से कम कार्मिक कार्यरत है जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक है तथा वह न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण हो। इस योजना के अन्तर्गत असंगठित क्षेत्र की खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों को क्रेडिट लिक्ड अनुदान 35 प्रतिशत अधिकतम रू0 10 लाख देय है। योजनान्तर्गत बैंक से ऋण लेना अनिवार्य है। अनुदान में भारत सरकार एवं राज्य सरकार का अनुपात 60ः40 का है। बैठक में अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जोगिन्दर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, उप निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक कुमार, उपायुक्त उद्योग चन्द्रभान सिंह, जिला सूचना अधिकारी वीएन पाण्डेय आदि अधिकारीगण व कृषक उपस्थित रहे।

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