वाराणसी: मां कुष्मांडा का हुआ नयनाभिराम श्रृंगार - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

Tahkikat News App

आज की बड़ी ख़बर

Wednesday, 5 August 2020

वाराणसी: मां कुष्मांडा का हुआ नयनाभिराम श्रृंगार

कैलाश सिंह विकास
          
      मां कुष्मांडा का हुआ नयनाभिराम श्रृंगार     


  वाराणसी 5 अगस्त । यह अद्भुत संयोग ही कहा जाएगा  की एक तरफ  अयोध्या में भगवान राम के  मंदिर के लिए  प्रधानमंत्री मोदी द्वारा  भूमि पूजन पूजन किया गया, वहीं दूसरी तरफ  शिव की नगरी काशी में आदिशक्ति मां कुष्मांडा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।  दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर में जन्मोत्सव मनाया गया  मंदिर के महंत पंडित कौशल पति द्विवेदी के सानिध्य में  मां का अड़हुल, बेला, गुलाब, चंपा ,चमेली , अशोक एवं कामिनी के पत्तों से  श्रृंगार कर उन्हें लाल चुनरी पहनाकर भव्य आरती किया गया। मां की भव्य आरती संजय दुबे जी ने की। जन्मोत्सव पर मार्को पूरी हलवा और जलेबी का भोग भी लगाया गया।   इस अवसर पर मंदिर को भी भव्य आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया था ।मंदिर में जल रहे विद्युत झालर देखकर ऐसा आभास हो रहा था कि आसमान से तारे स्वयं जमीन पर उतर कर मां का चरण वंदन कर रहे हो । मां के जन्म उत्सव का शुभारंभ  पंडित जवाहरलाल के शहनाई वादन से हुआ  पंडित जवाहरलाल ने  शहनाई की धुन प्रस्तुत कर  सबको रसीद कर दिया उन्होंने सोहर कजरी  आदि  घूम सुना कर  मां के चरणों में अपनी  स्वरांजलि अर्पित की उनके साथ  दुक्कड़ पर  मंगल प्रसाद  शहनाई पर  मोहनलाल राजेश कुमार  एवं स्वर पर राजेश जी ने सहयोग किया। मंदिर के महंत पंडित कौशलपति द्विवेदी ने कहा कि  आज कितना पावन दिन है कि एक तरफ हम मां का जन्मोत्सव मना रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में रामलला के मंदिर बनाने का भूमि पूजन हो रहा है। । इस अवसर पर पंडित केवल कृष्ण योगेश दुबे,रामयश मिश्र, दया सहित भक्त उपस्थित थे।  

No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।