गरीब का आशियाना उजाड़ कर उसे बेघर कर देने पर उतारू प्रधान - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Sunday, 23 August 2020

गरीब का आशियाना उजाड़ कर उसे बेघर कर देने पर उतारू प्रधान

राकेश सिंह गोण्डा 

गरीब का आशियाना उजाड़ कर उसे बेघर कर देने पर उतारू प्रधान

धानेपुर गोंडा। कहावत है ना अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो दुनिया को दर्द सुनाना पड़ता है। ठीक ऐसा ही एक वाक्या मुजेहना विकास खंड के ग्राम पंचायत रामपुर दुबावल का भी सामने आया है,रामपुर दुबावल प्राथमिक विद्यालय के बगल स्थित ग्राम पंचायत की बंजर भूमि पर करीब बीस सालों से रह रही उषा पत्नी विनोद कुमार बताती है कि कई बार ग्राम प्रधान सुभाष सोनी व उनके गुर्गे उत्पीड़न कर चुके हैं ।पीड़ित उषा सोनी द्वारा थाना धानेपुर में एक प्रार्थना पत्र  दिया गया था जिसमें उन्होंने अपने विपक्षी पर इज्जत आबरू पर हाथ डालने अथवा मिट्टी की दीवाल वह छत पर गिराने जानमाल की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी किंतु प्रधान होने की हालत के चलते पुलिस भी पीड़िता का पक्ष नहीं ले पा रही है जिसके कारण प्रधान सुभाष सोनी अथवा उनके गुर्गे निरंतर परिवार का उत्पीड़न करते आ रहे हैं। नम आंखों से उषा उनकी बेटी ने बताया कि इस जमीन की इतनी लालच है ग्राम प्रधान को कि उन्होंने हम दोनों का घर से निकलना दूभर कर दिया है। उनके गुर्गे आए दिन छींटाकशी करने के बाद दुर्व्यवहार करने पर उतारू रहते हैं बताते चलें कि पीड़िता उषा व उनके पति पूरी तरह से भूमिहीन है। और संवैधानिक तरीके से रामपुर दुबावल के निवासी हैं ग्राम प्रधान जिसे अपने ग्राम सभा के प्रत्येक बाशिंदे को उसका हक और अधिकार दिलाने का जिम्मा होता है नहीं ग्राम प्रधान एक गरीब का आशियाना उजाड़ कर उसे बेघर कर देने पर उतारू है, सरकार और प्रशासन से अगर कोई सुविधा सहायता नहीं मिली है तो क्या अब इन्हें मिट्टी और छप्पर के नीचे भी रहने दिया नहीं जाएगा यह चुभते सवाल सिस्टम को कटघरे में खड़ा करते हैं।

No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।