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Wednesday, 2 September 2020

सैकड़ों वर्ष पुरानी प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो पाएगा

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

सैकड़ों वर्ष पुरानी प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो पाएगा

वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते इस बार शिवपुर की सैकड़ों वर्ष पुरानी प्रसिद्ध रामलीला का मंचन नहीं हो पाएगा। आज शिवपुर रामलीला समिति के तत्वावधान में पांचो पांडव मंदिर प्रांगण में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए पूरे विधि विधान से हर वर्ष की तरह होने वाले मुकुट पूजन का आयोजन करके औपचारिकताएं पूरी की गई।

शि‍वपुर रामलीला समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार बागी ने बताया कि वैश्विक महामारी करोना और शासन की गाइडलाइन्स को देखते हुए समिति ने इस बार रामलीला नहीं कराए जाने का निर्णय लिया है। यदि एक माह बाद शासन की ओर से कोई दूसरा दिशा निर्देश प्राप्त होता है तो पुनः रामलीला कराए जाने पर विचार किया जा सकता है।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यह रामलीला बहुत ही प्राचीन व प्रसिद्ध है तथा पूरी रामलीला करीब 34 दिनों की होती है। इस रामलीला में सभी पात्र ब्राह्मण परिवार से होते हैं। प्रसिद्ध गीतकार समीर के पूर्वज स्वर्गीय शिवनाथ महराज जी भी इस रामलीला का मंचन कर चुके हैं। उन्होने श्री राम से लेकर रावण तक का पाठ किया है और ऐसा पाठ पूरे पूर्वांचल में किसी ने पाठ नहीं किया और वह जब तक जीवित रहें तब तक शिवपुर के रामलीला को त्यागा नहीं।

उन्होंने बताया कि यह शुरु से परंपरा रही है कि रामलीला शुरु होने से पहले हर वर्ष अनंत चतुर्दशी के दिन यहां मुकुट पूजन होता है। भगवान का और स्वरुपों का इस बार स्वरुपों का चयन हुआ नहीं है तो इसलिए सिर्फ मुकुट का पूजन पांचों पांडवा मंदिर में किया गया और लोगों में प्रसाद का वितरण कर पांच दोहा किया गया।

वहीं श्री रामलीला समिति के मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया की आज के क्रम में मुकुट पूजन पुरे विधि विधान से रामायण की चौपाई व दोहा गाकर संपन्न कराया गया है।

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