वाराणसी: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,उप्रसंघर्ष समिति का निजीकरण पर ऊर्जामंत्री से वार्ता जारी। बिजलीकर्मियों ने प्रदेश भर में पूरे दिन का किया अनिश्चितकालीन बहिष्कार - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Tuesday, 6 October 2020

वाराणसी: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,उप्रसंघर्ष समिति का निजीकरण पर ऊर्जामंत्री से वार्ता जारी। बिजलीकर्मियों ने प्रदेश भर में पूरे दिन का किया अनिश्चितकालीन बहिष्कार

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,उप्र
संघर्ष समिति  का निजीकरण पर ऊर्जामंत्री से वार्ता जारी।  बिजलीकर्मियों  ने प्रदेश भर में पूरे दिन का किया अनिश्चितकालीन बहिष्कार 

 ठेकेदार कल्याण समिति ने संघर्ष समिति के आंदोलन को किया पूर्ण समर्थन।
 

 *वाराणसी-5अक्टूबर* ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियो की ऊर्जामंत्री से निजीकरण के मुद्दे पर शाम-3बजे से रात -9बजे तक वार्ता का दौर जारी रहा।
 बनारस के विधुतकर्मियो ने संघर्ष समिति के आह्वान पर तीसरे चरण के आंदोलन के आज प्रथम दिन भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर  कार्यबहिष्कार कर जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
 सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली व्यवस्था में सकारात्मक सुधार के अपने संकल्प को दोहराते हुये प्रदेश के ऊर्जामंत्री  जी से वार्ता के दौरान  पुनः अपील की है कि ऊर्जा क्षेत्र में प्रबन्धन द्वारा तैयार किये जा रहे टकराव के वातावरण को समाप्त करने हेतु प्रदेश के व्यापक हित में तत्काल निजीकरण के फैसले को वापस लिया जाए किन्तु पता नही रातके 9बजे तक ऊर्जामंत्री जी निर्णय नही ले पाए और वार्ता जारी रही।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आज दिनांक 05 अक्टूबर से प्रारम्भ कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली उत्पादन गृहों, 765/400केवी के विद्युत उपकेन्द्रो एवं प्रणाली नियंत्रण में शिफ्ट में कार्य करने वाले कार्य बहिष्कार में सम्मिलित नही किया गया, जिससे कि जनता को अनावश्यक तकलीफ न हो। *संघर्ष समिति ने यह भी बताया कि कार्य बहिष्कार के दौरान अस्पतालों एवं पेयजल व अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति बनाये रखा गया जिससे कि आम जनता को असुविधा का सामना न करना पड़े किन्तु बाकी जो फीडर जो बिजलीकर्मी चालू हालात में छोड़कर आये थे किंतु किसी प्रकार की फाल्ट आनेपर वो बन्द हो गया कार्यबहिष्कार होने के कारण उसे ठीक नही किया गया।बिजलिकर्मियो ने आमजनता से पुनः अपील किया कि निजीकरण से केवल बिजलिकर्मियो का नुकसान नही होगा बल्कि आमजनता को महंगी बिजली का दंश झेलना पड़ेगा इसीलिए आप सभी इस आंदोलन का समर्थन करे आज जो कार्यबहिष्कार से असुविधा हुई वो किसी भी दशा में बिजलीकर्मी नही कहते थे किंतु 34दिन के लगातार हुए ध्यानाकर्षण आंदोलन के बाद भी प्रबन्धन वार्ता करना तक उचित नही समझा इसीलिए कर्मचारियों को कार्यबहिष्कार पर उतरना पड़ा है कार्यबहिष्कार से उतपन्न हुई असुविधा के लिए खेद है किंतु विवसता भी है ।* 
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि दिनांक 05 अप्रैल, 2018 को मा0 ऊर्जा मंत्री पं0 श्रीकान्त शर्मा के साथ हुए लिखित समझौते ‘‘उप्र में विद्युत वितरण निगमों की वर्तमान व्यवस्था में ही विद्युत वितरण में सुधार हेतु कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्यवाही की जायेगी। कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं को विश्वास में लिये बिना उप्र में किसी भी स्थान पर कोई निजीकरण नही किया जायेगा’’  उसके बाद भी ये ब्यूरोक्रेट्स सरकार को बदनाम करने के लिए जानबूझकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि0 के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दिए ।संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि समझौते के अनुसार प्रबन्धन बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियन्ताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्यवाही करे, जिस पर प्रबन्धन द्वारा कुछ भी पहल नही की गयी। संघर्ष समिति ने पुनः प्रस्ताव दिया कि समझौते के अनुसार निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त कर सुधार की कार्य योजना बनाई जाय जिसके लिये बिजलीकर्मी संकल्पबद्ध है। 
संघर्ष समिति ने बताया कि उप्र ऊर्जा प्रबन्धन की हठधर्मिता के कारण उप्र के बिजली कामगारों के कार्य बहिष्कार के समर्थन में आज राष्ट्रीय स्तर पर एनसीसीओईईई ने   उप्र के बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियन्ताओं के आंदोलन को बल प्रदान करने के लिये एकता दिवस (Solidarity Day) के रुप में देश भर के 15 लाख कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार  किये।  

 
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि0 के विघटन/निजीकरण/अन्य संस्थानों को हैण्डओवर किये जाने के प्रस्ताव के विरोध में बिजलीकर्मियों के शांतिपूर्ण ध्यानाकर्षण आन्दोलन को हड़ताल बता कर एवं दमनात्मक कार्यवाही कर प्रदेश सरकार को गुमराह कर रहा है जिससे ऊर्जा निगमों में अनावश्यक टकराव का वातावरण एवं औद्योगिक अशांति उत्पन्न हो रही है।
 एनटीपीसी फेडरल एक्जीक्यूटिव यूनियन ने निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को समर्थन देते हुए उत्पादन निगम एवं ट्रांसमिशन को टेकओवर करने से इंकार किया |  इसके साथ ही लेखपाल संघ, उत्तर प्रदेश एवं राजस्व संग्रह अमीन संघ, उत्तर प्रदेश ने भी निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को समर्थन करते हुए बिजली कर्मियों के स्थान पर प्रशासन द्वारा ड्यूटी लगाने पर कार्य करने से साफ इंकार भी कर दिया गया |
 आज *ठेकेदार कल्याण समिति  ने बिजली विभाग का निजीकरण किए जाने का विरोध* करते हुए बिजली कर्मचारियों के स्थान पर बिजली व्यवस्था से संबंधित कार्य संपादित करने से साफ इंकार कर दिया |
 

बैठक को सर्वश्री आर0के0वाही,ई0 केदार तिवारी,ई0 चंद्रशेखर चौरसिया, डॉ0 आर0बी0 सिंह,ई0 संजय भारती, वेदप्रकाश राय,ई0 दीपक अग्रवाल,शशिकिरण मौर्य, रमन श्रीवास्तव,नीरज बिंद, सुनील कुमार यादव, ई0जगदीश पटेल, अंकुर पाण्डेय,रमाशंकर पाल,ई0संजय भारती, वीरेंद्र सिंह, ई0 डी0के0 दोहरे, ई0 जयशंकर राय,मदन लाल श्रीवास्तव,महेंद्र मौर्य, संतोष वर्मा,आर0के0 राय, अमितानंद त्रिपाठी, संतोष कुमार, हेमंत श्रीवास्तव आदि पदाधिकारियो ने संबोधित किया।


    

No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।