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Monday, 12 October 2020

Gonda गो आश्रय केन्द्र पर , नहीं थम रहा मवेशियों की मौत का सिलसिला चारे-पानी का इंतजाम नहीं

 


रिपोर्ट राकेश सिंह 

गो आश्रय केन्द्र पर , नहीं थम रहा मवेशियों की मौत का सिलसिला चारे-पानी का इंतजाम नहीं

बभनजोत गोण्डा । जिले में गो आश्रय केंद्रों पर बदइंतजामी के चलते मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी है। अधिकांश जगहों पर चारा-पानी और छाया का अभाव है। इससे मवेशी तड़प रहे हैं।

जिले में आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए बनाए गए गो आश्रय केंद्रों की हालत खस्ता है। आधे-अधूरे बने केंद्रों पर मवेशियों को रख दिया गया है, लेकिन वहां सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। न चारा है न पानी। शासन व अफसरों के दबाव पर किसानों की फसलों को सुरक्षित करने के लिए मवेशियों को गो आश्रय केंद्रों में कैद कर दिया गया है। मवेशी उसमें फंसे हुए हैं। बदइंतजामी के चलते भूख-प्यास से तड़पकर वह दम तोड़ रहे हैं। जब हमारी टीम ने गो आश्रय केंद्र अलाउद्दीन पुर की पड़ताल की तो पता चला कि आए दिन यहां मवेशी मर रहे हैं। मरने वाले मवेशियों की संख्या बढ़कर आधा दर्जन से अधिक हो गई है। जबकि अन्य मवेशी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

जबकि 

मुख्यमंत्री ने गो-आश्रय स्थलों के संचालन की संयुक्त जिम्मेदारी जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंपते हुए उन्हें चारा, टीकाकरण और शेड निर्माण का समुचित बंदोबस्त करने को कहा है।इसके बावजूद भी जिम्मेदार लापरवाह जिम्मेदारों के पास अगर जिम्मेदारी नहीं है तो सरकार को चाहिए कि उन्हें हर जिम्मेदारी से मुक्त कर दे

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