जाने क्या है मामला अर्नब गोस्वामी का,आखिर क्यों हुई गिरफ्तारी - तहकीकात न्यूज़ | Tahkikat News |National

आज की बड़ी ख़बर

Thursday, 5 November 2020

जाने क्या है मामला अर्नब गोस्वामी का,आखिर क्यों हुई गिरफ्तारी

कृपा शंकर चौधरी

जाने क्या है मामला अर्नब गोस्वामी का,
आखिर क्यों हुई गिरफ्तारी

पत्रकारिता को भारत में चौथे स्तंभ के रूप में देखा जाता है किन्तु इससे तांलुकात रखने वाले कुछ लोगों द्वारा इसके लक्ष्य से भटककर राजनीतिज्ञों के चाटुकार एवं पैसे कमाने का साधन मानने से इसकी गरिमा को ठेस पहूंच रही है और पत्रकारिता का स्तर गिरता माना जा रहा है।
ताज़ा मामला रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी के गिरफ्तारी का है। इनके गिरफ्तारी से भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में विरोध जताया जा रहा है किन्तु मानने वाले लोग मानते हैं कि विरोध जताने वाले निंश्पक्ष सोच से ब वास्ता नहीं रखते।

बताया गया कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है एवं अर्नब के अलावा दो अन्य को 2018 में ख़ुदकुशी के लिए उकसाने के एक मामले में देर रात मुंबई की एक अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। अर्नब गोस्वामी के वकील अबाद पोंडा ने कहा कि उन्होंने ज़मानत की अर्जी लगाई है, जिस पर गुरुवार को सुनवाई हो सकती है । 

गिरफ्तारी का क्या है मामला?

दरअसल सन 2018 में इंटिरियर डिज़ाइनर अन्वय नाइक और उनकी माँ कुमुद नाइक की मौत के मामले में बुधवार सुबह अर्नब गोस्वामी को मुंबई स्थित उनके आवास से गिरफ़्तार किया गया था। आरोप है कि 53 साल के इंटिरियर डिज़ाइनर ने अपने ख़ुदकुशी नोट में आरोप लगाया था कि वो और उनकी माँ ने इसलिए जीवन ख़त्म करने का फ़ैसला लिया क्योंकि अर्नब के साथ फ़िरोज़ शेख और नीतेश सारदा ने 5.40 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया था. फ़िरोज़ और नीतेश अलग-अलग फ़र्म के मालिक हैं।डिज़ाइनर और उनकी माँ मई 2018 में अलीबाग़ तालुका के कवीर गाँव में अपने फार्महाउस पर मृत मिले थे। इसके बाद 2019 में रायगढ़ पुलिस ने इस मामले को बंद कर दिया था बाद में नाइक की बेटी अदन्या की शिकायत पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने फिर से इस केस की जाँच का आदेश दिया था।
ताज़ा गिरफ्तारी में गोस्वामी को मुंबई के पास रायगढ़ ज़िले के अलीबाग लाया गया और बाद में उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां अर्नब गोस्वामी ने अदालत में कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनसे मारपीट की है। बताया गया इसके बाद गोस्वामी को पुलिस स्टेशन लाया गया जहां एक सिविल सर्जन ने उनसे मारपीट को साबित करने के लिए कहा बाद में अदालत ने गोस्वामी के मारपीट के आरोप को खारिज कर दिया।

 इसके अलावाबुधवार को पुलिस ने उस अधिकारी को भी गिरफ़्तार कर लिया जिसने ख़ुदकुशी के लिए उकसाने के मामले की जाँच की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई  की मानें तो उस अधिकारी को भी जाँच का सामना करना पड़ेगा। बताया गया अर्नब गोस्वामी के साथ उनकी पत्नी और दो अन्य के ख़िलाफ़ भी मुंबई पुलिस ने गिरफ़्तारी में अड़चन डालने के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है।

अर्नब की गिरफ़्तारी को लेकर विपक्ष ने महाराष्ट्र की सरकार पर हमला बोला है जबकि इंटिरियर डिज़ाइनर के परिवार ने गिरफ़्तारी के फ़ैसले का स्वागत किया है और कहा है कि वो साल 2018 को कभी नहीं भूल सकते ।


No comments:

Post a comment

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।