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Wednesday, 23 December 2020

राज्यपाल ने किया "लिविंग लिजेन्ड्स आफ बलिया " वेबसाइट का उद्घाटन

बलिया (माइकल भारद्वाज)-

 राज्यपाल ने किया "लिविंग लिजेन्ड्स आफ बलिया " वेबसाइट का उद्घाटन

बलिया। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि 'लिविंग लीजेंड्स आफ बलिया' फोरम के माध्यम से जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय ने बलिया की विभूतियों को फिर से यहां की मिट्टी से जोड़ने की अनूठी पहल की है, जो फिलहाल यहां से दूर रहकर विभिन्न क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की भूमिका चुनौती एवं संभावनाएं "विषयक संगोष्ठी एवं लिविंग लीजेंड आफ बलिया" फोरम की वेबसाइट का राजभवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस फोरम के माध्यम से विश्वविद्यालय बलिया की विभूतियों को अपनी मिट्टी से जुड़ने तथा मधुर स्मृतियों को संजोने का न सिर्फ अवसर प्रदान करेगा ,बल्कि मातृभूमि का ऋण से उऋण होने का अवसर भी प्रदान करेगा।

राज्यपाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बलिया के जिस महान विभूति चंद्रशेखर के नाम पर स्थापित है उनके पद चिन्हों पर चलकर कार्य करें और शीर्ष पर पहुंचे ।बलिया की धरती एक अत्यंत उर्वर धरती है जिसने तमाम ऋषि-मुनियों से लेकर स्वाधीनता सेनानी और साहित्यकारों, विद्वानों बुद्धिजीवियों और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तक को जन्म दिया है ।राज्यपाल ने बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है ।इसके लिए विश्वविद्यालय समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों ,गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण करें ।वह स्वास्थ्य शिविर लगाए और जागरूकता अभियान चलाएं।

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि नई शिक्षा नीति स्वदेशी ज्ञान और तकनीक के आधार पर नए भारत को शक्तिशाली बनाने में सहायक होंगे ।शिक्षा को भारतीय जनजीवन तथा सामाजिक व सांस्कृतिक चेतना से जुड़ने का अवसर मिलेगा ।उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से भारतीय ज्ञान शक्ति के सहारे आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। इस अवसर पर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया की कुलपति प्रो.कल्पलता पाण्डेय एवं विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारीगण ऑनलाइन जुड़े थे।

" खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अध्ययन एवं शोध को मिले बढ़ावा परंपरागत कृषि संघ नवाचारी कृषि जरूरी"
 
'विश्वविद्यालय ने कम समय में किया बेहतर कार्य'

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने छोटे से जीवन काल में ही कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जो प्रशंसनीय है ।सीमित संसाधनों और कोरोना से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद विश्वविद्यालय ने निर्धारित समय सीमा के अंदर नकल विहीन परीक्षा कराई, समय से परीक्षा फल घोषित किया। कुछ पाठ्यक्रमों में सबसे पहले परीक्षा फल घोषित करके इस विश्वविद्यालय ने प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

" बलिया में मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं"

राज्यपाल ने कहा कि बलिया जनपद प्राकृतिक जल स्रोतों से अत्यंत समृद्ध है और यहां मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं भी है ।इसके लिए सम्यक  प्रशिक्षण और वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग करते हुए मत्स्य उत्पादन में भारी वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाए तो यहां के किसानों की समृद्धि के दरवाजे खोल सकते हैं ।परंपरागत कृषि की जगह नवाचारी कृषि का प्रयोग यहां के किसानों का जीवन स्तर बदल सकता है।

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