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Saturday, 30 January 2021

BASTI डरे नहीं शिकायत करें, अराजक तत्वों को मिलेगा माकूल जवाब

मोहित गुप्ता बस्ती रूधौली

डरे नहीं शिकायत करें, अराजक तत्वों को मिलेगा माकूल जवाब
अपराजिता के बैनर तले लगाई गई पुलिस की पाठशाला में बोले प्रभारी निरीक्षक

रुदौली बस्ती। छात्रों व महिलाओं रास्तें में कोई शरारती तत्व गतिरोध करने का प्रयास करता है, तो उसका डटकर मुकाबला करें। छात्राएं देश में ही नहीं बल्कि विश्व में अपने दम पर परचम लहरा रही हैं। वह किसी से डरे नहीं। जरूरत पड़ने पर 112 नंबर और 1090 हेल्पलाइन नंबर की मदद लें, यदि इन फोनों से मदद न मिले तो कोतवाल 9454403122 पर फोन कर समस्याओं से अवगत करा सकती हैं।
      उक्त बातें शिक्षक की भूमिका में रुधौली प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा ने रुधौली के दिलेश्वरी इंटर कॉलेज में मौजूद छात्राओं से कहीं। यहां अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के अंतर्गत पुलिस की पाठशाला लगाई गई। प्रभारी निरीक्षक साथ विद्यालय पर पहुंची महिला आरक्षी प्रेम शिखा मिश्रा व मनोरमा शर्मा ने कहा कि अत्याचार के खिलाफ महिलाओं को खुद ही आवाज उठानी होगी। ऐसा सिर्फ जागरूकता से ही संभव है। चुप्पी से अपराधियों का दुस्साहस बढ़ता है। पुलिस से डरने के बजाय बेझिझक शिकायत करें। वह हमेशा मदद को तैयार है। फेसबुक और व्हाट्स एप पर फेक आईडी से अश्लील मैसेज, फोटो वायरल करने के साथ ही ऑनलाइन हैकिंग जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। इससे सचेत रहने की जरूरत है। 
मिला माकूब ज़बाब
पुलिस की पाठशाला में शिवाकांत मिश्रा व प्रेमशिखा मिश्रा ने छात्राओं के मन की दुविधा भी दूर की। तो छात्रा साक्षी मोदनवाल और रुचि सिंह घर से विद्यालय आने के दौरान मनचलों की छींटाकशी का मुद्दा उठाया तो थानाध्यक्ष ने भरोसा जताया कि वो शिकायत करें, आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
सप्ताह में एक दिन मिलेगी शारीरिक सुरक्षा ट्रेनिंग
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा महिला सुरक्षा संबंधित विभिन्न उपायों के कई सवाल पर जवाब देते हुए प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा ने विद्यालय पर सप्ताह में एक दिन अपने थाने की सबसे प्रशिक्षित महिला आरक्षी के द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाने का आश्वासन दिया जिस पर छात्रों ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया।

महिलाओं को सशक्त बनाने में अपराजिता अभियान मील का पत्थर साबित होगा। पुलिस की पाठशाला संस्कारों की पाठशाला है। इससे विद्यार्थियों को सभ्य नागरिक बनाने में मदद मिलेगी।
रुचि सिंह
अपराजिता अमर उजाला का एक ऐसा अभियान है, जो महिला वर्ग खासतौर लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम है। सभी छात्राएं इस मुहिम का हिस्सा बने और आत्मरक्षा के गुर सीखें।
खुशी जायसवाल
मैं लगातार पिछले साल से अमर उजाला के अपराजिता अभियान का हिस्सा हूं। इस कार्यक्रम के जरिए ही हमें पता चला कि आज के दौर में लड़कियों को हिम्मत दिखानी चाहिए। हर मुसीबत का सामना करने को तैयार रहना है।
किरन दुबे
अपराजिता अभियान का मकसद सभी महिलाओं चाहे वो शहर की हो या फिर गांव की, सभी को आत्मनिर्भर बनाना है। जब महिलाओं को उनका उचित हक मिलेगा तो वह समाज के विकास में बराबरी की भूमिका निभाएंगी।
साक्षी मोदनवाल
अपराजिता अपने आप में नारी का पूर्ण परिचय है। निडर होकर कठिनाइयों का सामना करना अपने आप में बहादुरी का परिचय है। जिंदगी के हर मोड़ पर कई बार टूटती है, पर पराजिता नहीं होती, तभी तो अपराजिता कहलाती है, माना कि पहचान बनाना आसान नहीं, पर अगर दृढ़ संकल्पित हो तो कुछ भी मिलना मुश्किल नहीं, जीत तेरी तय है, पराजिता न समझ संसार में है नारी अपराजिता बनकर अपने पंखों को फैलाकर गगन को छुए।
संदीप श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य

इनका रहा सराहनीय योगदान
पुलिस की पाठशाला को सफल बनाने में अरुण कुमार मिश्रा, महेंद्र त्रिपाठी, राम आशीष, रवीश कुमार, सच्चिदानंद पांडेय, जितेंद्र बहादुर सिंह, राम सजीवन चौधरी, दीपक सिंह प्रेमी, ओमेक्षी यादव, अनूप सिंह सहित सभी शिक्षकों ने सराहनीय भूमिका रही।

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