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Tuesday, 26 January 2021

संस्कृति और संस्कृत भाषा के पुनरूत्थान से बनेगा नया भारत

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


संस्कृति और संस्कृत भाषा के पुनरूत्थान से बनेगा नया भारत                    

वाराणसी। जिस दिन संस्कृति और संस्कृत भाषा का पुनरूत्थान हो जायेगा उस दिन निश्चित रूप से नरेंद्र भारत का निर्माण होगा। उक्त विचार सोमवार को सामाजिक विज्ञान विभाग सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी एवं इण्डियन एसोसिएशन आफ जनर्लिस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं 25 वां राष्ट्रीय अलंकरण काशीरत्न/ शान ए काशी 2020 समारोह में मुख्य वक्ता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सामाजिक संकाय के संकाय प्रमुख प्रो कौशल किशोर मिश्र ने व्यक्त किया। उन्होंने ने कहा कि भारत को नये और पुराने रूप में बाटा नहीं जा सकता, क्यो कि भारत तो सनातन है। भारत में चुनौतियां आती रहती है तथा भारत बनता रहता है। भारत में चुनौतियां जीवन है। उन्होंने वेदों का उदाहरण देते हुए बताया कि रामराज ही नया भारत है। हमें रामराज के सिध्दांतों को मानना होगा, जिसमें कोई कुसंस्कार न हो, कोई अशिक्षित न हो , कोई बेरोजगार न हो कोई गरीब न हो रही हमारा नया भारत होगा। समारोह के मुख्य अतिथि धर्म संघ प्रमुख जगजीतन पाण्डेय ने कहा कि जो भी सम्मान योग्य है उन्हें सम्मान न देना एक अपराध है। इस लिए हमें सभी वर्गों के लोगों को सम्मान देना आवश्यक है और समय समय पर सभी को उत्साहबर्धक कार्यक्रम कराते रहना चाहिए। समारोह का शुभारंभ आगंतुक अतिथियों के दीप प्रज्जलवन तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय स्थापना सामाजिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो शैलेश कुमार मिश्र ने किया। इण्डियन एसोसिएशन आफ जनर्लिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा कैलाश सिंह विकास ने 19 चयनित विभूतियों के नाम की घोषणा की। सभी चयनित काशीरत्न/ शान ए काशी 2020 को शाल, प्रमाणपत्र, स्मृति चिन्ह, विकास बैज लगाकर मुख्य अतिथि श्री जगजीतन पाण्डेय, विशिष्ट अतिथि काशीरत्न वंशीधर दूबे, ने अलंकृत किया वह शुभकामनाएं दी। समारोह में आईं ए जे के नये मोनोग्राम एवं दृष्टि वुलेटिन को लोकार्पण मुख्य अतिथि ने श्री जगजीतन पाण्डेय ने किया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यनारायण व्दिवेदी ने की । समारोह का संचालन प्रो राजनाथ एवं डा अनुपम गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद प्रकाश डा राहुल सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो दुर्गानंदन प्रसाद तिवारी, प्रो हरि प्रसाद अधिकारी, प्रो हर प्रसाद दीक्षित, प्रो हीरककान्त चक्रवर्ती, प्रो रामपूजन पाण्डेय, प्रो सुधाकर मिश्रा, प्रो रमेश प्रसाद, प्रो ललित चौबे सुहेल अख्तर, रामनरेश, अजय वर्मा, मोती लाल गुप्ता, आदित्य शंकर मिश्रा, राजेंद्र श्रीवास्तव, पवन रघुवंशी, अर्जून सिंह, रविन्द्र यादव, आशीर्वाद सिंह, आनंद सिंह सुनील शर्मा, विक्रम कुमार , देवेन्द्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे। *काशीरत्न2020से अलंकृत* हीरालाल मिश्र मधुकर,(साहित्य सेवा) गोपाल जी राय (पत्रकारिता सेवा) प्रो कमला कान्त त्रिपाठी (संस्कृत साहित्य सेवा) डा विजय कुमार श्रीवास्तव (आयुर्वेद चिकित्सा सेवा) प्रो कौशल किशोर मिश्र (शिक्षा सेवा) प्रो नीरज कुमार अग्रवाल ( सुगर चिकित्सा सेवा) डा संध्या यादव ( प्रसूति चिकित्सा सेवा) डा अमित श्रीवास्तव (शिक्षा सेवा) दीपक मिश्र (आई टी प्रबंधन सेवा) रजत प्रताप (समाज सेवा) राजीव गौतम (समाज सेवा) डा विजय कपूर (गायन संगीत सेवा)। *शान ए काशी 2020से अलंकृत* डा सुरेन्द्र नाथ ओझा( चिकित्सा सेवा) अवधेश कुमार सिंह (विधि सेवा) सुहैल अख्तर (विधि सेवा) उत्पल मुखर्जी ( पत्रकारिता सेवा), विनोद राव (छायाकारी सेवा) काशी नटिनियादाई व्यापार मण्डल वाराणसी,( समाज सेवा) भरत सहानी ( मीनाकारी सेवा) । ।। प्रो शैलेश कुमार मिश्र, विभागाध्यक्ष

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