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Thursday, 14 January 2021

VARANASI ग्राम पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करें-कमिश्नर

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


ग्राम पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करें-कमिश्नर

इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दें



       वाराणसी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बुधवार को आयुक्त सभागार में मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा की। बेसिक शिक्षा की समीक्षा में उन्होंने निर्देशित किया कि स्कूलों में नामांकित समस्त छात्र पढ़ाई की किसी न किसी माध्यम यथा-ऑनलाइन, ऑफलाइन, मोहल्ला क्लास आदि से अवश्य कबर होना चाहिए। सामाजिक सहायता योजना यथा विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाओं आदि में प्राप्त आवेदनों में जो आवेदक किसी और अपात्रता के कारण लाभान्वित नहीं हो पाता है उसे अनिवार्य रूप से उसके अपात्र होने के कारण से सूचित किया जाए, ताकि उसके मन में कोई अन्यथा का संशय नहीं रहे।
         मंडल में वर्ल्ड फ्लू का कोई के संज्ञान में नहीं है। फिर भी शासन के निर्देशों के अनुरूप पशुपालन विभाग पोल्ट्री फार्म आदि के साथ समन्वय बैठक कर समस्त एहतियाती कदम उठाने की कार्यवाही करें। निराश्रित गोवंश संरक्षण केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जाए। सर्दी से बचाव के समुचित इंतजाम रखें। मत्स्य पालन इनकम ग्रोथ का कृषि के अन्य आयामों के सापेक्ष बहुत अच्छा स्रोत है। यहां इसकी मार्केटिंग भी सुलभ है। किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करें। मत्स्य बीज उत्पादन अच्छा व्यवसाय है। मंडल में इस वर्ष 231 नए पंचायत भवन बन चुके हैं तथा लगभग 1700 निर्माणाधीन है। कमिश्नर ने पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि गांव स्तर से सुलभ हो सकने वाली सभी सुविधाएं यथा-जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, खतौनी नकल, परिवार रजिस्टर नकल, पेंशन आवेदन कार्यवाही आदि दी जाए, ताकि लोगों को ब्लॉक, तहसील, जिला पर नहीं जाना पड़े। जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सेवापुरी ब्लाक में यह कार्यवाही शुरू की जा चुकी है।
        श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में मंडल में 115023 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। जिनमे श्रमिकों को 19 करोड़ 50 लाख रुपए की धनराशि की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम में ओडीओपी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन आदि में 634 इकाइयों की स्थापना के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए जा चुके हैं। पूरे मंडल में कोरोना वैक्सीनेशन के प्रथम चरण की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। आयुष्मान भारत में मंडल में 67228 मरीजों का इलाज हो चुका है। मंडल में गत दिसंबर, 2020 में 39278 गोल्डन कार्ड बने। अब तक 706951 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। कमिश्नर ने हर पात्र व्यक्ति को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराकर आयुष्मान भारत में अच्छादित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में इस वर्ष मंडल में 5356 आवास स्वीकृत हुए। जिस पर 6509.50 लाख रुपए में होंगे। अब तक 4063.32 लाख रुपए शासन से मुक्त भी हो चुके हैं। कन्या सुमंगला योजना में मंडल में 5325 लाभार्थियों को 5 करोड़ 42 लाख रुपए से लाभान्वित किया जा चुका है। इस वर्ष मंडल में 4692 सामुदायिक शौचालय बन रहे हैं। जिसमें 2954 बन चुके हैं, शेष निर्माणाधीन है। कमिश्नर ने इन शौचालयों को वाईविल रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। ग्रामीण स्तर पर बन रहे हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर को प्रभावी रूप से संचालित करें। समस्त प्रकार की दवाई रहे। ताकि सामान्य, सिजनल, नान गंभीर बीमारियों को छोड़कर उनकी चिकित्सा वही हो जाए। इससे सीएससी, पीएससी व जिला स्तर पर मरीजों का लोड कम हो जाएगा। व्यक्ति को गांव में दवाई मिल जाएगी।
        मंडल में सड़कों को छोड़कर 50 लाख रुपये से अधिक की 403 परियोजनाएं जिनकी लागत 4961 करोड़ रुपए की क्रियान्वित है। शासन द्वारा 2676 करोड रुपए अवमुक्त भी कर दिए गए हैं। 58 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी है। कमिश्नर ने ऐसे निर्माण कार्य जहां लिंटर व स्लैब पङते हैं विशेषतः पुल व भवन में सेफ्टी मेजर को पूरे मानक से अपनाने पर जोर दिया। गुणवत्ता बराबर देखें। अधिकारियों को जो जांच/निरीक्षण सौपे गए हैं उनकी जांच कर रिपोर्ट दें। जिलाधिकारी अपने जिलों में 50 लाख रुपये से छोटे कार्य की थर्ड पार्टी/ अंतरविभागीय जांच करा ले। बैठक में बाल विकास पुष्टाहार, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, ग्राम्य विकास आदि के कार्यों की समीक्षा हुई।
        बैठक में जिलाधिकारी वाराणसी कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी जौनपुर, जिलाधिकारी चंदौली सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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