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Tuesday, 12 January 2021

VARANSHI अंबेडकर एवं कांशीराम के सपनों का भारत मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव- लक्ष्मण आचार्य

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

अंबेडकर एवं कांशीराम के सपनों का भारत मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव- लक्ष्मण आचार्य

( भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद के उपनेता लक्ष्मण आचार्य की पत्रकार वार्ता संपन्न)

वाराणसी 12 जनवरी:-  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) में 59048 करोड़ों का बजट देकर युवाओं और सबका साथ, सबका विकास तथा सबका विश्वास की परिकल्पना को साकार करने का कार्य किया है।
परम पूज्य स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्र आज "राष्ट्रीय युवा दिवस" के रूप में मना रहा है, इसी परिप्रेक्ष्य में मोदी जी ने देश और प्रदेश के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए एक विशेष तोहफा प्रदान किया है। 
उक्त जानकारी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद के उपनेता लक्ष्मण आचार्य ने आज  गुलाबबाग सिगरा स्थित पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
श्री आचार्य ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 59040 करोड़ रुपए के कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है। जिसमें से कि 60% हिस्सेदारी केंद्र तथा 40% राज्य सरकारों द्वारा खर्च की जाएगी। 
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज अगले 5 वर्षों में 5 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए पीएमएस- एससी (अनुसूचित जाति से संबंधित छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति) की केंद्रीय प्रायोजित स्कीम बड़े और रूपांतरात्मक परिवर्तनों के साथ अनुमोदित की है ताकि वे अपने उच्चतर शिक्षा को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।
श्री आचार्य ने बताया कि 1.36 करोड़ ऐसे सबसे गरीब छात्र थे जो दसवीं के बाद शिक्षा ग्रहण ही नहीं कर पा रहे थे। गरीब से गरीब परिवारों को दसवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अपनी इच्छा अनुसार उच्चतर शिक्षा पाठ्यक्रमों में नामित करने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। एस सी जनसंख्या के शैक्षिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एस सी छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति स्कीम भारत सरकार का सर्वाधिक एकल हस्तक्षेप है। केंद्र सरकार इन प्रयासों को और अधिक बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। 
केंद्रीय सहायता जो वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 के दौरान लगभग 1100 करोड़ रुपए प्रति वर्ष थी, उसे वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान 5 गुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 6000 करोड़ रुपए प्रति वर्ष किया जाएगा। राज्य सरकारें बड़ी संख्या में एस सी छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इस कार्यनीति को कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण भागीदार होंगी।
उन्होंने जानकारी देते हुए आगे कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत छात्रों को वित्तीय सहायता का आहरण डीबीटी मोड के माध्यम से और अधिमान्यता आधार सबल भुगतान प्रणाली को प्रयोग में लाकर किया जाएगा। वर्ष 2021-22 से प्रारंभ करते हुए इस स्कीम में केंद्र का अंश 60% निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्रों के बैंक खातों में डीबीटी मोड के माध्यम से सीधे जारी किया जाएगा।
 श्री आचार्य ने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस स्कीम के उपयुक्त कार्यान्वयन पर अधिक जोर दिया है, ताकि समय पर भुगतान किया जा सके। व्यापक जवाबदेही, निरंतर निगरानी और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। निगरानी तंत्र को और भी सुदृढ़ किया जाएगा तथा सोशल ऑडिट तीसरे पक्ष द्वारा वार्षिक मूल्यांकन कराकर और प्रत्येक संस्थान की अर्धवार्षिक स्वतः लेखा परीक्षित रिपोर्टों के माध्यम से किया जाएगा।
श्री आचार्य ने कहा कि यह स्कीम सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संचालित की जाएगी जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही कार्य क्षमता तथा बिना विलंब के समयबद्ध सहायता सुनिश्चित होगी। राज्य पात्रता, जातिगत स्थिति, आधार पहचान तथा बैंक खाता के ब्यूरो की ऑनलाइन पोर्टल पर अभेद्य जांच करेंगे।
उन्होंने कहा कि 5 वर्ष की अवधि में उच्चतर शिक्षण का मानक जे ई आर 60लाख विद्यार्थियों को प्राप्त हो रहा था, जो अब 1.36 करोड़ छात्र छात्राओं को लाभ पहुंचेगा। श्री आचार्य जी ने कहा कि आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी तथा मान्यवर कांशीराम जी की सपनों को पूरा करने का प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  कर रहे हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिला महामंत्री संजय सोनकर, महानगर अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अनिल सागर, जिला मीडिया प्रभारी श्री निकेतन मिश्रा, महानगर मीडिया प्रभारी किशोर कुमार सेठ भी उपस्थित थे।

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