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Tuesday, 23 February 2021

किसानों पर बरसी हर एक लाठी का हिसाब एक-एक वोट से होगा : जयंत चौधरी

मोहित गुप्ता बस्ती रूधौली

किसानों पर बरसी हर एक लाठी का हिसाब एक-एक वोट से होगा : जयंत चौधरी

बस्ती राजा ऐश्वर्य राज सिंह की अगुआई में रुधौली में आयोजित हुई रालोद की किसान महापंचायत 

बस्ती रुधौली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों के लिए पूरी तरह से किसान विरोधी हैं और जब तक ये तीनों बिल वापस नहीं हो जाते तब तक किसान आंदोलन को लगातार बल दिया जाता रहेगा। किसान मौन हो सकता है लेकिन कमजोर नहीं और यह तब साबित होगा जब किसान अपने ऊपर पड़ी हर एक लाठी का हिसाब एक एक वोट की चोट से देगा।
       उक्त बातें मंगलवार को रुधौली में बस्ती राजा ऐश्वर्य राज सिंह के नेतृत्व में आयोजित किसान महापंचायत में राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कही। कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार पहली ऐसी सरकार है जो किसान को लाभ देना चाहती है लेकिन किसान लेना नही चाहता। यह इस देश का दुर्भाग्य है कि प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे मोदी जी धरने पर बैठे किसानों को आंदोलनजीवी कह रहे है। पूर्ण बहुमत से सरकार में आये भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन जब किसानों के खाद और बीज जैसी चींजे महंगी मिलेंगी तो किसान की आय कैसी बढ़ेगी और तो और यह सरकार किसानों को निजी कंपनियों के हाथों बेचकर यह सरकार पूंजीवाद को और बढ़ावा देना चाहती है।
        राष्ट्रीय महासचिव राजा ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि किसानों के गन्ने का भुगतान करने के लिए सरकार 14 दिनों का वादा करती हैं लेकिन वह भुगतान 14 महीनों के बाद भी किसानों के खाते में नहीं पहुंचता है। उत्तर प्रदेश में आज किसानों का लगभग 60,555 करोड रुपया चीनी मिलों के पास फंसा हुआ है यदि यह पैसा किसानों को मिल जाए तो क्या किसान खुशहाल नहीं होगा? लेकिन सरकार उन पैसों से पूजी पतियों को बढ़ावा दे रही है और किसानों का सर्वनाश करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। महापंचायत को राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुपम मिश्रा, राष्ट्रीय सचिव गंगा सिंह सैंथवार सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। 

पांच फैसलों पर ली किसानों की सहमति
मंगलवार को आयोजित किसान महापंचायत में राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने संबोधन के बाद पांच फैसलों पर किसानों की सहमति ली, जिसमें तीनो कृषि कानून वापस होने तक किसान आंदोलन को बल देने, मंडी व्यवस्था में सुधार लाने की मांग करने, किसानों पर हुए एक-एक प्रहार का हिसाब एक-एक वोट से देने, पूर्वांचल में राष्ट्रीय लोक दल को बल देने और किसानों के वोट बैंक को इकठ्ठा करने जैसे फैसले शामिल थे। 

किसान महापंचायत के माध्यम से पूर्वांचल को साधने की कोशिश
महापंचायत सभा के दौरान उपाध्यक्ष ने किसानों के वोट बैंक को इकट्ठा करने की बात रखी। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से बस्ती राजा ऐश्वर्या सिंह को मौका देने की बात कही, जिससे ऐसा लगा कि वह किसान महापंचायत किस माध्यम से पूर्वांचल को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

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