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Tuesday, 23 March 2021

गंगा की अविरल ता एवं निर्मलता के लिए नालों को करना होगा बंद- प्रोफ़ेसर विशंभर नाथ मिश्र

कैलाश सिंह विकास वाराणसी
                                
गंगा की अविरल ता एवं निर्मलता के लिए नालों को करना होगा बंद- प्रोफ़ेसर विशंभर नाथ मिश्र     

 वाराणसी  विश्व जल दिवस पर सोमवार को तुलसी घाट पर संकट मोचन फाउंडेशन एवं ममदर्स फॉर मदर के संयुक्त तत्वाधान में एक विचार गोष्ठी एवं दीप दान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। समारोह का शुभारंभ विचार गोष्ठी से हुआ समारोह को संबोधित करते हुए समारोह की अध्यक्षता करते हुए संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर विशंभर नाथ मिश्र ने कहा कि गंगा की अविरल था एवं निर्मलता सही मायने में तभी होगा जब गंगा में एक बूंद भी नाले का पानी नहीं जाएगा उन्होंने कहा कि गंगा के सबसे बड़े प्रदूषित होने के कारण आसि नदी एवं वरुणा नदी से आ रहे मल जल का पानी है गंगा तो हमारी पहले की तरह साफ एवं निर्मल है उसे प्रदूषित बना रही हैं इन दोनों नदियों से आए हुए नालों का मल जल। हम को सबसे पहले इन दोनों नदियों से आ रहे मल जल को साफ करना होगा और फिर शोधित कर पानी गंगा में छोड़ना होगा तभी गंगा स्वच्छ होगी उन्होंने कहा कि आज गंगा सफाई के नाम पर गंगा के प्राकृतिक व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ किया जा रहा है उन्होंने गंगा उस पार बनाए जा रहे चैनल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रामनगर से राजघाट तक बंद है चैनल से गंगा घाटों को छोड़ देंगे और फिर गंगा हम लोगों से काफी दूर घाटों को छोड़कर निकल  जाएंगी। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्य मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि काशी कभी कंडो व तालाबों एवं नदियों का शहर हुआ करता हुआ करता था लेकिन धीरे-धीरे सब समाप्त हो रहे हैं आज सिर्फ एक नदी गंगा ही बची है । गोष्ठी को संबोधित करते हुए संकट मोचन फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर एसएन उपाध्याय ने कहा कि आज हम विश्व जल दिवस मनाने के लिए गंगा तट पर उपस्थित है लेकिन आज हमें सोचना होगा कि हम गंगा के लिए क्या कर रहे हैं आने वाले समय में हमारे लिए पीने का पानी का संकट बहुत बड़ा होगा मां गंगा अगर स्वच्छ एवं निर्मल होंगी तो हमें पानी ही नहीं हमारा जीवन भी बचेगा गोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर परमेश्वर दत्त शुक्ल ने कहा कि  पानी के बिना जीवन बेमानी है जन्म से लेकर मृत्यु तक पानी की हमें जरूरत है अगर पानी नहीं रहेगा तो फिर यह जिंदगानी भी नहीं बचेगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए ख्याल तेरा न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विजय नाथ मिश्र ने कहा कि आज हम संकल्प करें कि हम अपने जल स्रोतों को बचाने के लिए प्रयास करेंगे और लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे धन्यवाद  मदर फॉर मदर के संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती आभा मिश्रा ने किया  इसके पश्चात  उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मानव श्रृंखला बनाकर दीपदान किया और गंगा का पूजन अर्चन किया ।  इस अवसर पर तुलसी विद्या निकेतन के प्रिंसिपल डॉ एसके श्रीवास्तव राजेश कुमार मिश्रा अशोक कुमार पांडे गोपाल पांडे समाजसेवी रमेश मिश्र राघवेंद्र पांडे नरेंद्र त्रिपाठी विनोद पांडे राज्य दीक्षित सहित काफी संख्या में नगर के गणमान्य लोग उपस्थित थे ।

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