रिपोर्ट: विनोद कुमार | सोनबरसा बाजार, गोरखपुर
गोरखपुर। पिपराइच विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बेला कांटा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत करीब दस वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बनाए गए स्वास्थ्य उपकेंद्र का अब तक ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी भवन वर्षों से बंद पड़ा है और देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन अभी भी एक निजी भवन से किया जा रहा है।
ग्रामीणों की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के चलते सरकारी भवन का उपयोग शुरू नहीं कराया गया। लंबे समय से बंद रहने के कारण भवन की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। दरवाजे और खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन का परिसर अब असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ी धनराशि खर्च कर रही है, लेकिन बेला कांटा का NHM सब सेंटर निर्माण के करीब दस साल बाद भी संचालित नहीं हो सका। यदि भवन उपयोग के योग्य नहीं था तो निर्माण की गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं कराई गई और यदि भवन तैयार था तो अब तक उसे स्वास्थ्य विभाग के उपयोग में क्यों नहीं लाया गया?
ग्रामीणों के अनुसार सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के संचालन में न होने से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इलाज के लिए निजी भवन में सीमित सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे विशेषकर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सरकारी धन के उपयोग की समीक्षा करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही, उपकेंद्र को जल्द से जल्द शुरू कर वहां स्थायी रूप से एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
इस संबंध में पिपराइच के स्वास्थ्य अधीक्षक मनी शेखर ने बताया कि यदि स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन बना है तो उसे अभी तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। इसी वजह से उपकेंद्र का संचालन किराए के भवन में किया जा रहा है।
वहीं, पूर्व प्रधान ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए उन्होंने श्रम विभाग को जमीन उपलब्ध कराई थी। उनके अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण श्रम विभाग की ओर से कराया गया था।
No comments:
Post a Comment
तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।